सिद्दीकपुर में निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कालेज में शुक्रवार को ठेकेदारों के दो गुटों में हुई फायरिंग एवं पथराव की घटना अंजाम देने का शक मुन्ना बजरंगी के शूटरों पर भी है।
पुलिस शनिवार को सुरेरी थानाक्षेत्र के पूरेदयाल कशेरू गांव स्थित मुन्ना बजरंगी के आवास पर छापा मारकर उसके भतीजे को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस की दोहरी जांच से मामला उलझ गया है। एक तरफ घटना को अंजाम देने के आरोप में पुलिस मुठभेड़ के दौरान वाराणसी के पांच युवकों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
वहीं, शनिवार को माफिया डान मुन्ना बजरंगी के भतीजे को हिरासत में लिए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो वर्चस्व को लेकर ठेकेदारों के बीच हुई फायरिंग के पीछे कहीं न कहीं बजरंगी गिरोह का हाथ है।
जौनपुर ही नहीं, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, ज्ञानपुर, भदोही, मऊ, बलिया जिले के ठेकों में बजरंगी गिरोह हावी है।
निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कालेज में ठेकेदारी को लेकर सत्ताधारी दल के ठेकेदारों और माफियाओं के बीच तलवारें खिंच गई हैं।
यही वजह है कि फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए पांच युवकों पर पुलिस कई मुकदमे दर्ज कर संदेश दे रही है कि अगर दोबारा कुछ हुआ तो कड़ा रुख अख्तियार किया जा सकता है।
वैसे गिरफ्तार युवक अपने को निर्दोष बता रहे हैं। पुलिस अधीक्षक भारत सिंह यादव का कहना है कि फायरिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जो लोग भी संदेह के घेरे में हैं, उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।