लाइन बाजार थाने के मियांपुर मुहल्ला स्थित गोमती नदी के पास एक सप्ताह पहले मिले शव की शिनाख्त अहमद खां मंडी निवासी रतन चंद्र मौर्या के रूप में हुई।
रतन के परिवार वाले उसकी हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। शुक्रवार को इनका सब्र टूट गया और वह मुहल्ले के लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
कानून व्यवस्था और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।अहमद खां मंडी निवासी माता प्रसाद मौर्या ने आरोप लगाया कि उसका लड़का रतन चंद्र मौर्या घर के पास ही सब्जी की दूकान चलाता था।
इसी दौरान उसका एक मुहल्ले में रहने वाले बिहार के रहने वाले किराएदार की साली से संबंध हो गया। इसको लेकर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसके बावजूद लड़की रतन को फोन कर बुलाती थी।
16 जून की रात से रतन घर से गायब हो गया। बहुत तलाश की लेकिन उसका कही पता नहीं चला। 18 जून को मियांपुर के पास गोमती नदी किनारे रतन का शव पाया गया।
लाइन बाजार पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर लावारिस समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। 25 मई को वह इसकी सूचना थाने पर देने पहुंचे तो वहां उसे रतन का शर्ट और फोटो दिखाया गया।
इसके बाद उसकी शिनाख्त की गई। पीड़ित के पिता ने आरोप लगाया कि रतन की प्रेमिका अपने परिवार के साथ मिलकर उसकी हत्या कर नदी में लाश फेंक दी थी। इसकी रिपोट दर्ज कराने के लिए उसे दौड़ाया जा रहा है।
शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक डा. अनुराग मिश्र के नेतृत्व में लोग कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की।
लोगों के आक्रोश को देखते हुए एसपी कार्यालय पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। प्रदर्शन में सूर्य नारायण सिंह मुन्ना, सर्वेश सिंह, प्रदीप मिश्रा, एमपी मिश्र, अनुरागमणि त्रिपाठी, कन्हैयालाल, रियाजुल, मोहम्मद आले, विजय आदि रहे।