जौनपुर। घर में घुसकर लूटपाट, छेडख़ानी करने और बेटे को थर्ड डिग्री देने के मामले में पीड़ित महिला ने एसओजी टीम समेत 12 पुलिसकर्मियों पर वाद दायर किया तो अब उसे बेटे के एनकाउंटर की धमकी मिल रही है। पीड़ित महिला के प्रार्थना पत्र पर एडीजे ने अब थानाध्यक्ष सिकरारा व पुलिसकर्मियों पर भी परिवाद दर्ज किया है।
सिकरारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया कि 16 मार्च को कुछ पुलिसकर्मी उसके घर आए। उसे मारेपीटे, बेटियों संग छेडख़ानी की। घर में रखे रुपये व गहने लूट लिए, बेटे को जबरन उठा ले गए। बाद में पुलिस ने बेटे को छोडने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की। उसने रुपये भी दे दिया। 18 जून को लाइन बाजार पुलिस ने 19500 रुपये उसे वापस दे दिए और कहा कि शेष रुपये एसओजी टीम ने रख लिया है। बाद में पुलिस व एसओजी टीम ने उसके बेटे का थाना बक्सा से फर्जी मुकदमे में चालान कर दिया। उसे थाने में प्रताड़ित किया गया। इस मामले में एसओजी टीम समेत 12 पुलिसकर्मियों पर कोर्ट में वाद दायर हुआ है। इससे नाराज होकर थानाध्यक्ष सिकरारा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ 28 जून की रात जबरन उसके घर में घुस गए। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए बोले कि एसओजी टीम व अन्य पुलिस वालों के खिलाफ जो मुकदमा दायर किया है उसे उठा लो नहीं तो बेटे का एनकाउंटर कर दिया जाएगा। पीड़ित महिला ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को दरखास्त दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई।