छलीशहर में बारिश के बाद धान की रोपाई करते किसान। संवाद
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जौनपुर। बारिश के चलते सरकारी व्यवस्था की पोल खुल गई। नगर निकायों में भी जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं, कई इलाकों में सड़क तक धंस गई है। दूसरी ओर, धान की रोपाई के लिए परेशान किसानों के भी चेहरे खिल गए। लोग बृहस्पतिवार की सुबह से ही धान की रोपाई करते नजर आए।
बुधवार को शाम हुई बारिश के बाद खेतों में हल्की नमी आ गई। कहीं-कहीं कीचड़युक्त पानी भी जमा हो गया। धान की तैयार जरई को उखाड़ कर बृहस्पतिवार की सुबह से ही किसान परिवार रोपाई के काम में जुट गए। खेतों में पानी की कमी को पूरा करने के लिए पंपिंग सेट का सहारा लिया जा रहा है। बात अगर सदर तहसील की करें तो यहां 9.05 एमएम बारिश हुई, जो नगर पालिका और प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। तारापुर कालोनी के सेक्टर नंबर 11 में लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। इंटरलाकिंग के नाम पर खोदकर छोड़ी सड़क बीच में ही छोड़ दी गई है। नाली का पानी रास्ते में बह रहा है। इसी तरह, तारापुर कालोनी के सेक्टर पांच, लाइन बाजार कलेक्ट्रेट मार्ग, सहकारी कालोनी सहित कई इलाकों में नाली का मलबा सड़क पर फैल गया। वहीं, रासमंडल में नमामि गंगे के तहत डाली जा रही सीवर के बाद के कारण खोदी गई सड़क अब पूरी तरह से धंस कुछ स्थानों पर धंस गई। यहां एक कार धंसी हुई सड़क में फंस गई, जिसे लोगों ने सुबह किसी तरह बाहर निकलवाया। वहीं, मीरगंज क्षेत्र के रामपुरचौथार गांव निवासी अंशु देवी (25) पत्नी धनंजय विश्वकर्मा बिजली गिरने से झुलस गई। इनका निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा हैं। इसी तरह, क्षेत्र के रामगढ़ गोगावल गांव में बुधवार की देर शाम शुरू हुई जमकर बारिश के दौरान रात में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर पर बिजली गिरने से मंदिर का गुंबद और छत का हिस्सा टूट गया। संयोग ही रहा कि मंदिर के आसपास के सदस्य बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।
रामसंडल में अमृत योजना के तहत सीवर डालने के लिए खोदी गई सड़क में भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : JAUNPUR