इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सभागार में मंगलवार को सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य बेहतर सर्विलांस के साथ मिजिल्स रुबेला (एमआर) बीमारी को समाप्त करना है। कार्यशाला में बताया गया कि किसी भी उम्र के व्यक्ति को बुखार के साथ शरीर पर दाने निकलें तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को तुरंत दें। इस वर्ष दिसंबर तक मिजिल्स-रुबेला बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक बुखार के साथ शरीर पर दाने वाले 452 मरीज चिह्नित किए गए, जिनमें से 68 मरीज एमआर धनात्मक पाए गए, जहां पर टीकाकरण कार्यक्रम चलाकर निरोधात्मक कार्रवाई कर बीमारी को आगे बढ़ने से रोका गया है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार मिश्रा, इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक (आईएपी) अध्यक्ष डॉ. एके यादव के साथ ही जिले के सभी बालरोग विशेषज्ञ तथा निजी चिकित्सकों ने भाग लिया। मिजिल्स-रुबेला बीमारी खत्म करने के लिए बच्चों में एमआर का शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कराने पर बल दिया गया। बताया कि एमआर के सर्विलांस में आईएमए और आईएपी की साझेदारी से कार्यक्रम को मजबूती मिलेगी। एमआर का सर्विलांस कार्यक्रम अत्यंत मजबूती से करने पर बल दिया गया। इसके लिए चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सर्विलांस का कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर डॉ. कर्नल देवाशीष, डीआईओ डॉ. नरेंद्र सिंह, सर्विलांस मेडिकल आफिसर डाॅ. अभिजीत जोशे, यूएनडीपी के वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर वीसीसीएम शेख अबजाद, यूनीसेफ की जिला मोबलाइजेशन समन्वयक गुरदीप कौर, डब्ल्यूएचओ के ब्लाॅक मानीटर आदि मौजूद रहे। संचालन डब्ल्यूएचओ के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. संदीप सिन्हा ने किया।