जौनपुर। शिकायत के बाद भी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को न रोके जाने से क्षुब्ध मड़ियाहूं के ब्लाक प्रमुख लाल प्रताप यादव मंगलवार को लाइनबाजार थाने में धरने पर बैठ गए। थाने के इंस्पेक्टर ने कब्जा रोकने का भरोसा दिया तो आधे घंटे बाद उन्होंने धरना समाप्त कर किया।
ब्लाक प्रमुख लालप्रताप यादव का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2010 में जमीन को रजिस्ट्री कराया है। चकबंदी के दौरान वर्ष 2016 में अभिलेखों में हेराफेरी कर दूसरे का नाम दर्ज कर दिया गया। अभिलेखों में ओवर राइटिंग साबित होने पर एसपी के आदेश पर विपक्षियों के खिलाफ जालसाजी का केस भी लाइनबाजार थाने में दर्ज हुआ। बाद में मामले की विवेचना के दौरान इंस्पेक्टर ने मामले में एफआर लगा दिया। अभी यह मामला दीवानी न्यायालय में लंबित है। बावजूद इसके विपक्षी जमीन की बाउंड्री करा रहे हैं। ब्लाक प्रमुख के मुताबिक स्थानीय पु लिस ने दो दिन से हो रहे कब्जे को नहीं रोकी तो वह मंगलवार को सुबह वाराणसी जाकर आईजी से अपनी पीड़ा बताई। आईजी ने काम रोकने का निर्देश लाइनबाजार थाने की पुलिस को दिया। वह वाराणसी से जौनपुर पहुंच गए फिर भी कब्जा होता रहा। जिसके बाद वह लाइनबाजार थाने में धरने पर बैठ गए। इस संबंध में एएसपी सिटी डॉ संजय कुमार का कहना है कि जमीन से संबंधित विवाद के मामले में पुलिस सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती जब तक कि किसी मजिस्ट्रेट का आर्डर न हो।