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गाड़ी के चालान होने का मोबाइल नंबर से आए मैसेज तो हो जाइए अलर्ट

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जौनपुर। आपके मोबाइल फोन पर भी ट्रैफिक नियम तोड़ने पर चालान होने और उसके जुर्माना अदा करने से जुड़ा कोई मैसेज आए है तो अलर्ट हो जाइए। ऐसे मैसेज के लिंक को किसी दशा में मत क्लिक करिए, क्योंकि आप जैसे ही फाइन भरने के लिए मैसेज के लिंक को ओपन करेंगे वैसे ही उधर से साइबर ठग आपका अकाउंट खाली कर लेंगे। जी हां, इन दिनों साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया फार्मूला तैयार किया है। इसके लिए ई-चालान को अपना हथियार बनाया हुआ है। हालांकि इस संबंध में आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस के निदेशालय से शुक्रवार को एक जागरुकता से जुड़ा मैसेज जारी किया गया है, जिसके बारे में जनपद की ट्रैफिक पुलिस लोगों को जागरुक कर रही है।
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साइबर क्रिमिनल्स से आम जनता-खास सब काफी परेशान हैं। साइबर अपराधी लोगों की हर एक्टिविटी पर सेंध लगाने का प्रयास करते रहते हैं। अलग-अलग तरीकों से ये अपराधी आम लोगों की गाढ़ी कमाई मिनटों में उड़ा देते हैं। इसके लिए वे तरह-तरह का प्रयोग करते हैं। इस समय साइबर ठगों ने ई-चालान के नाम से एक लिंक बनाया है, इस फर्जी लिंक को बनाकर वह लोगों के मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से भेजते हैं, जिसमें ट्रैफिक नियम तोड़ने का जिक्र होता है। उसी आधार पर फाइन की राशि जमा करने को भी कहा जाता है। अन्यथा कानूनी कार्रवाई का हवाला भी दिया जाता है। आम जनता इसमें आसानी से फंस जाती है और फाइन जमा करने के लिए लिंक भी ओपन करने लगती है। इस लिंक को क्लिक करके अपना चालान भुगतान करने को कहा जाता है। मैसेज भेजने के बाद वायस कॉल करके भी जुर्माने की राशि एक निश्चित तिथि तक जमा करने का दबाव बनाया जाता है, जो ऐसा करते हैं वे साइबर ठगों के झांसे में आ जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस को कई लोगों ने इसकी जानकारी दी है। इसके बाद पुलिस भी अलर्ट मोड में आते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है। लेकिन इस तरह से लोगों को लूटने वाले साइबर फ्राड पुलिस की गिरफ्त से काफी दूर हैं। पुलिस इन्हें पकड़ना तो दूर इनका पता तक नहीं लगा पाती है। हालांकि यातायात पुलिस के निदेशालय से जिन फर्जी नंबर से मैसेज आ रहे हैं, उसे सार्वजनिक किया गया है। साथ ही जनपद में यातायात पुलिस को लोगों में इसके लिए जागरुकता फैलाने को कहा गया है।
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कभी भी मोबाइल नंबर से गाड़ी के चालान के जुर्माना करने का मैसेज या लिंक नहीं जाता है। ऐसा मैसेज आए तो उसे क्लिक न करें, क्योंकि इस तरह के मामले सामने आ आए हैं। निदेशालय के निर्देश पर इसके प्रति लोगों को जागरुक किया जा रहा है। जनपद में एक मामला साइबर सेल के पास भी आया है, जिसकी जांच चल रही है।- जीडी शुक्ला, यातायात निरीक्षक
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