जौनपुर। नवरात्र के पावन अवसर पर जिलेभर में 2500 से अधिक स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल सजाए गए हैं। अधिकांश पंडालों में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं पहुंच चुकी हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन को लेकर पूजन समितियों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। बिजली विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि वैध कनेक्शन के बिना बिजली का इस्तेमाल करने पर संबंधित समिति और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
जिले में दुर्गा पूजा महासमिति से जुड़े 804 स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के 138 और ग्रामीण क्षेत्र के 666 पंडाल शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में करीब दो हजार अन्य स्थानों पर भी पूजा पंडाल सजाए गए हैं। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में पंडालों की संख्या शहरी क्षेत्र से कहीं अधिक है। अधिकांश पंडालों में प्रतिमाएं पहुंच चुकी हैं और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उधर शहर के फल वाली गली में जिले की सबसे ऊंची 22 फीट की देवी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। श्री दुर्गा पूजा महासमिति के सचिव मनीष गुप्ता ने बताया कि पंडालों को आकर्षक रूप देने के लिए बाहर से कलाकार बुलाए गए हैं। पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संगठन की ओर से पदाधिकारी भी तैनात किए जाएंगे।
बिजली कनेक्शन के बिना आपूर्ति जोड़ने पर लाइनमैनों को सख्त रोक
अधिशासी अभियंता मनोज गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि अब तक जिले की किसी भी पूजा समिति ने अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन या प्रक्रिया पूरी नहीं की है। लाइनमैनों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना वैध कनेक्शन के किसी भी पंडाल में बिजली आपूर्ति न जोड़ें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। दूसरी ओर, दुर्गा पूजा महासमिति के महासचिव मनीष गुप्ता ने कहा कि अभी कुछ जगहों पर कनेक्शन की विशेष जरूरत नहीं पड़ी है, आवश्यकतानुसार इसे देखा जाएगा और फिलहाल ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई है।
दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास मीट-मछली और शराब की दुकानें रहेंगी प्रतिबंधित
जॉइंट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बैठक, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, अग्निशमन यंत्र और वॉलंटियर अनिवार्य
जौनपुर-मुंगराबादशाहपुर। शारदीय नवरात्र और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। थाना परिसर में जॉइंट मजिस्ट्रेट शुभम कटियार और सीओ परमानंद कुशवाहा की संयुक्त अध्यक्षता में पूजा पंडाल आयोजकों और संभ्रांत नागरिकों की बैठक हुई। इसमें पंडालों के आसपास मुर्गा-मांस और शराब की दुकानें प्रतिबंधित रखने, सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने तथा विसर्जन स्थल पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जॉइंट मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका को उकनी विसर्जन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, गोताखोर और क्रेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। पंडाल आयोजकों ने सुबह और शाम सात से रात 12 बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग रखी।
सीसीटीवी और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य
सीओ परमानंद कुशवाहा ने सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र और वॉलंटियर तैनात करने के निर्देश दिए। डीजे पर अश्लील या किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले गाने बजाने पर रोक की हिदायत दी गई। बैनर पर आयोजकों के साथ थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज या हल्का दरोगा का नाम और मोबाइल नंबर अंकित करना अनिवार्य किया गया।
प्रभारी निरीक्षक गजानंद चौबे ने कहा कि पंडालों से आवागमन बाधित नहीं होना चाहिए। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था हो। बिजली के करंट से बचाव के लिए लोहे के पोल और खुले तारों के इस्तेमाल से बचने तथा बालू, पानी और अग्निशमन यंत्र तैयार रखने के निर्देश दिए गए। शराब पीकर पंडाल में आने पर भी प्रतिबंध रहेगा। बैठक में पूजा समितियों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।