सरायख्वाजा थानाक्षेत्र के रामपुर में घर में कैद तेंदुए को शनिवार की दोपहर बाद कानपुर चिडि़या घर से आई टीम ने ट्रेंकोलाइजर से बेहोश करने के बाद पिजड़े में बंद कर दिया।
तेंदुए को देखने के लिए जुटी हजारों की भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। रामपुर गांव में शुक्रवार को तीन लोगों को घायल करने के बाद तेंदुआ दिलीप मौर्य के घर में घुस गया था।
इसके बाद लोगों ने चैनल गेट बंद कर उसे कैद कर लिया। शनिवार को दोपहर बाद कानपुर चिडि़याघर के डॉ. आरके सिंह विशेषज्ञों की टीम के साथ पहुंचे। टीम के सदस्य छत पर चढ़े, लेकिन तेंदुआ दिखा नहीं।
इसके बाद जिस कमरे में तेंदुआ था, उसकी दीवार र्की इंट निकालकर बेहोश करने वाली इंजेक्शन की गोली मारी गई, लेकिन तेंदुआ बेहोश नहीं हुआ। तब दूसरी इंजेक्शन की गोली मारी गई।
इसके पांच मिनट बाद वह बेहोश हो गया। तब वनकर्मियों ने उसे जाल में कैद करके रामनगर, वाराणसी के वन विभाग से मंगाए गए पिजड़े में बंद कर दिया।
तेंदुए को डीसीएम से जौनपुर वन विहार परिसर में लाया गया। यहां से उसे कैमूर के रानीपुर जंगल में छोड़ने के लिए वन विभाग की टीम भेजी गई।
इस दौरान वाराणसी वन संरक्षक अशोक दीक्षित, डीएफओ मनोज सोनकर, प्रतापगढ़ के डीएफओ वाईपी शुक्ला, जौनपुर के डीएफओ एपी पाठक मौजूद रहे।