जौनपुर। मियांपुर इलाके में मामूली विवाद में बस चालक ललई यादव की बर्बरतापूर्ण हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी शास्वत सिंह और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मृतक के बेटे राजन यादव ने प्राथमिकी में जो बयान दर्ज कराए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। आरोप है कि कार सवार शास्वत सिंह ने ललई यादव को पीटने के बाद उनकी गर्दन पर पैर रखकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। चश्मदीदों के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी चिल्लाते हुए फरार हो गया कि ‘मैं शास्वत सिंह हूं, जो मुझसे टकराएगा उसका भी यही हाल करूंगा। पुलिस की जांच टीमें घटनास्थल के आसपास के अलावा वाराणसी और सुल्तानपुर मार्ग पर लगे टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। जांच टीम को घटना के बाद आरोपी की कार के भागने के अहम सुराग मिले हैं। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसके साथ मौजूद अन्य युवकों की पहचान करने में जुटी है। लाइन बाजार के रैभानीपुर निवासी 55 वर्षीय ललई यादव पिछले सात वर्षों से मियांपुर में किराये के मकान में रह रहे थे। उनके मकान मालिक और पड़ोसियों के अनुसार, वह बेहद मिलनसार व्यक्ति थे और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। वह अपने चार बेटों और एक बेटी के परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और जल्द ही अपनी बेटी की शादी करने वाले थे।