शहर में सोमवार को भीषण जाम लग गया। लगभग हर इलाका जाम की चपेट में फंसा रहा। दोपहर करीब 12 बजे से लेकर शाम चार बजे तक यही स्थिति बनी हुई थी।
नगर के ओलंदगंज, जेसीज चौराहा, रोडवेज, टीडी कालेज, कचहरी रोड, जोगियापुर, सद्भावनापुल, शाहीपुल, चहारसू, किला, कोतवाली, सिपाह, रुहट्टा, पालिटेक्निक चौराहा, वाजिदपुर, मडिय़ाहूं पड़ाव समेत पूरा शहर जाम में फंसा रहा।
जगह जगह वाहनों की कतार लगी रही। ट्रैफिक पुलिस को भी समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर जाम कैसे समाप्त कराया जाए। जाम में फंसे कइयों की ट्रेन छूूट गई तो कई लोगों की बस भी छूट गई।
स्कूल गए बच्चे भी घर देरी से पहुंचे। जाम में फंसे लोगों के ठंड के मौसम में भी पसीने छूट गए। कलेक्ट्री, कचहरी से निकले अधिवक्ता, वादकारी और दफ्तरों से लौटे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूली बसें, ऑटो और रिक्शा भी जाम में फंसे रहे। एक तो लगन, दूसरे शहर में लोगों की भीड़, जगह जगह बेतरतीब खड़े ठेला, वाहन और ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों की अज्ञानता ही जाम का प्रमुख कारण है।
आए दिन इस शहर को ऐसे जाम के झाम से जूझना पड़ रहा है। जाम समाप्त कराने के लिए पुलिस, होमगार्ड और ट्रैफिक के जवान सभी हलाकान रहे। यहां तक की एक एंबुलेंस भी शाहीपुल के पास जाम में फंसी रही।
जाम में फंसे बक्शा के लालबहादुर, अनिल, नीरज और संतोष विश्वकर्मा ने बताया कि गोदान एक्सप्रेस ट्रेन का उनका टिकट था। मतदान के लिए अभी वे घर आए थे।
दो घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रह गए और ट्रेन छूट गई। ओलंदगंज में जाम में फंसे महाराजगंज के अधिवक्ता रामबहाल सिंह ने बताया कि 2:10 बजे उनकी बस महाराजगंज के लिए जाती है लेकिन जाम में फंसने के
कारण उनकी बस छूट गई। स्कूली बसें इस कदर जाम में फंसी रहीं कि जो बच्चे दो बजे तक घर पहुंच जाते थे वे चार बजे के बाद पहुंचे। कुछ अभिभावक रास्ते से ही बच्चों को लेने के लिए निकले जरूर लेकिन जाम के कारण वे बसों तक नहीं पहुंच सके और काफी परेशान हुए।