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बंद कर ऑनलाइन क्लास स्कूल में जुटे नौनिहाल

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बीएसए कार्यालय पर स्थित प्राथमिक विद्यालय पर बच्चों के साथ डीएम मनीष कुमार वर्मा। संवाद - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। कोरोना के कारण ग्यारह माह से बंद पांचवीं तक के स्कूल सोमवार से खुल गए। पहले दिन स्कूलों में बच्चों का जोरदार स्वागत हुआ। कहीं रोली-चंदन लगाकर उनकी आरती उतारी गई तो कहीं बैंड बाजे के साथ स्वागत हुआ। विद्यार्थियों पर फूल बरसाए गए। हवन-पूजन कराया गया। स्कूलों में बदले माहौल और लंबे समय बाद एक-दूसरे से मिलकर बच्चे खुशी से झूम उठे। कोरोना के भय से घर के अंदर रहकर ऊब चुके बच्चों के चेहरे स्कूल पहुंचकर खिल रहे थे। अधिकांश स्कूलों में बच्चों का पहला दिन मौज मस्ती में ही बीत गया। बच्चों ने अपने अनुभव भी साझा किए और पूरे उत्साह से पढ़ाई का संकल्प भी लिया।
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गत वर्ष 23 मार्च को कोरोना के कारण लॉक डाउन लगने से स्कूल-कॉलेज बंद हो गए थे। तब से ही बच्चों ने दोबारा स्कूल में कदम नहीं रखा। अनलॉक होने के बाद भी पांचवीं तक की कक्षाओं के संचालन की अनुमति नहीं मिली थी। घर में रहकर ही ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करते हुए ज्यादातर बच्चे ऊब गए थे। उन्हें बेसब्री से स्कूल खुलने का इंतजार था। लिहाजा शासन के आदेश के बाद से ही वह स्कूल जाने की तैयारी में जुट गए थे। सोमवार को सुबह ही सज-संवर कर बच्चे मुंह पर मास्क लगाकर स्कूल पहुंचे। रंग-रोगन के बाद नए कलेवर में ढल चुके स्कूल का बदला माहौल देख बच्चे प्रफुल्लित रहे। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने डायट परिसर में संचालित विद्यालय में पहुंचकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। शहर के मां दुर्गा जी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उमानाथ सिंह सीनियर सेकेंड्री स्कूल, सेंट पैट्रिक, सेंट जेवियर्स, किड्जी, डालिम्स, सनबीम, हरिहर सिंह पब्लिक स्कूल आदि स्थानों पर बच्चों को जोरदार स्वागत हुआ। स्कूल गेट को गुब्बारों से सजाया गया था। प्रवेश द्वार पर ही शिक्षक रोली-अक्षत और फूल लेकर तैयार थे। बच्चों को मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने और एक-दूसरे से दूरी बनाकर रहने की हिदायत दी गई। नीलदीप एकेडमी परिसर में हवन-पूजन के साथ पठन-पाठन की शुरुआत हुई। प्रबंधक प्रदीप सिंह ने बताया कि विद्यालय खुलने से पहले पूरे विद्यालय परिसर को पूरी तरह से सैनिटाइज कराया गया। बच्चों के लिए भूले बिसरे ज्ञान को पुनर्जीवित करने के लिए 100 दिन का विशेष शिक्षण कार्यक्रम कराया जाएगा।
स्कूलों में दिखे अलग नजारे:
बैंड बाजे के साथ गांव में किया भ्रमण
मुफ्तीगंज ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय उमरी तारा में बच्चों का स्वागत बैंड-बाजे के साथ हुआ। तिलक लगाकर पुष्प वर्षा की गई। प्रधानाध्यापक राजेश सिंह ने बच्चों को बैंड बाजे के साथ पूरे गांव का भ्रमण भी कराया और अन्य अभिभावकों से भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की। शिक्षक राजेश सिंह, दशरथ राम, सचिंद्र नाथ यादव, शिक्षिका मधु रानी, अनिल पांडेय आदि ने बच्चों का स्वागत किया।
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फूल और गुब्बारों से सजी पाठशाला
सिरकोनी ब्लाक के हुसेपुर गांव स्थित कौशल्या देवी प्राइमरी पाठशाला को गुब्बारों से सजाया गया। बच्चों को तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। बच्चों को चॉकलेट और गुब्बारा भी दिया गया। प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र चौबे, अध्यापिका संघमित्रा, शिप्रा सिंह, मनीष कुमार, शिक्षामित्र आनंद कुमार, किरण श्रीवास्तव और आंगनबाड़ी कार्यकत्री विमला यादव, रीना यादव ने बच्चों को हाथ धुलने और दूरी बनाने को प्रेरित किया। बदलापुर के प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर, कंपोजिट विद्यालय फत्तूपुर में शिक्षकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
महीनों बाद मिलकर मुस्कुराए, एक-दूसरे को गले लगाए
केराकत क्षेत्र के डेडुवाना, अकबरपुर, सरायबीरु, तेजपुर, नैपुरा आदि गांव के विद्यालयों में महीनों बाद पहुंचे बच्चों के चेहरे दोस्तों को पाकर खिल उठे। एक-दूसरे को गले लगाकर मस्ती की। स्कूलों को माला व गुब्बारों से सजाया गया था। सिकरारा के ताहिरपुर, बछुआवर, इब्राहिमाबाद सहित अन्य स्कूलों में भी बच्चे मुस्कुराते हुए पहुंचे। मुंगराबादशाहपुर के राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल, प्राथमिक विद्यालय रामचौकी, सिंगरामऊ के प्राथमिक विद्यालय हरिहरपुर, कंपोजिट कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की खुशी देखने लायक थी। एक-दूसरे से अनुुुभव सुनते रहे।
रसोई गैस और अनाज की हुई व्यवस्था, बांटा गया फल
लंबे समय तक विद्यालय बंद रहने से मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी ठप हो गई थी। सोमवार को स्कूल खुलने पर सुबह रसोइए जहां बर्तन धुलने और राशन का इंतजाम करने में लगे रहे तो कोई सिलेंडर लेकर आता दिखा। कोटेदारों ने भी सुबह ही चावल-गेहूं स्कूल पहुंचाया। कई स्कूलों में बच्चों को एमडीश्एम के साथ फल भी बांटा गया।
स्कूल पहुंचने पर मिली मिठाई
प्राथमिक विद्यालय चरियाही द्वितीय पर सरस्वती वंदना के साथ पठन-पाठन की शुरुआत हुई। बच्चों का हाथ सैनिटाइज कराकर प्रधानाध्यापक सिंधीराम ने मिठाई बांटा। आदर्श विद्यालय जगा बनकट कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय, राजपुर रुखार, घुसकुरी प्राथमिक विद्यालय पर भी बच्चों को जोरदार स्वागत हुआ। बच्चों को कई तरह के खेल से जोड़ा गया। मुंगरा ब्लाक के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गरियांव में उत्सवी माहौल रहा। भोजन में बच्चों को खीर मिला। कैरम बोर्ड, बैडमिंटन, रस्सी कूद आदि खेलकर बच्चे आनंदित हुए। प्रधानाध्यापक संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता और बीईओ जवाहर लाल यादव की उपस्थिति में विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक हुई।
अधिकांश स्कूलों में कम रही उपस्थिति
मीरगंज क्षेत्र के विद्यालयों में पहले दिन बच्चे उत्साह के साथ विद्यालय पहुंचे। अभिनव प्राथमिक विद्यालय अदारी में बच्चों को तिलक लगा गया। स्वागत गीत बजाए गए।परिसर में रंगोली सजाई गई थी। पहले दिन 52 बच्चे पहुंचे। कंपोजिट विद्यालय अगहुआ में 36, प्राथमिक विद्यालय सरायदेवा में 65, प्राथमिक विद्यालय मीरपुर 52, रामपुर चौथार में 25, मेदपुर बनकट में 42, प्राथमिक विद्यालय हवेली में 19, किसुनदासपुर में 30 और चौकी खुर्द में 24 बच्चे पहले दिन पहुंचे।
स्वागत तो दूर, फर्श पर बैठाए गए बच्चे
निगोह। लंबे अंतराल के बाद स्कूल खुलने पर अधिकांश विद्यालयों में बच्चों का जोरदार स्वागत हुआ तो बरसठी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बेलौना कला में व्यवस्थाएं पूर्ववत ही रहीं। यहां माला फूल और तिलक लगाकर स्वागत तो दूर, साफ-सफाई भी नहीं कराई गई थी। बच्चों को फर्श पर ही बैठाकर पढ़ाई कराई गई। कोविड-19 के पालन को लेकर शिक्षक बेपरवाह रहे। इस संदर्भ में प्रधानाध्यापक सुभाष यादव का कहना था कि आज पहला दिन है। धीरे धीरे सही हो जाएगा।
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