पिता की उजड़ गई दुनिया
तिसौली गांव में बेटे-बहू की मौत ने बूढ़े पिता मिठाईलाल की जिंदगी में ऐसा सन्नाटा भर दिया, जिसे शायद कभी नहीं भरा जा सकेगा। घर में गोविंद, नेहा और 70 वर्षीय मिठाईलाल ही रहते थे। गोविंद की मां की पहले ही मौत हो चुकी थी। जिस बेटे को बुढ़ापे की लाठी मानकर जिंदगी काटने की उम्मीद थी, वही अब नहीं रहा। पिता का दर्द देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो जा रही थीं।
दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच की जा रही है। -विक्रम लक्ष्मण सिंह, थानाध्यक्ष खुटहन