मृतक श्रीप्रकाश की पत्नी और बच्चे। संवाद
बक्शा। थाना क्षेत्र के विशेषरपुर (उतरीजपुर) सांई नाथ मंदिर के पास टावर से गिरकर हुई श्रीप्रकाश यादव (30) की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंपा। सुरक्षा के बीच शुक्रवार की भोर में रामघाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। घटना के दूसरे दिन श्रीप्रकाश की पत्नी बेसुध पड़ी हुई है। वहीं, मां और छोटा भाई रोते हुए घटना के लिए प्रशासन के सिस्टम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पत्नी यह कहकर रो रही है कि अबोध बच्चों को लेकर अब कैसे जिऊंगी।
गांव में माहौल गमगीन है। लोग इस मामले में बोलते को तैयार नहीं है। पीड़ित परिवार के घर चूल्हा नहीं जला। श्रीप्रकाश गुमटी में चाय, नमकीन बिस्कुट और पानी बेचकर परिवार का भरण पोषण करता था। पिता राजाराम घर पर ही रहते हैं। जबकि भाई पढ़ाई कर रहा है। श्रीप्रकाश की पत्नी रीना चार माह पहले मासूम बेटी अनुष्का, अंतिका और अंजलि को लेकर अपने मायके सैदपुर गाजीपुर गई थी। उसे गांव की किसी महिला ने फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह आनन-फानन में घर पहुंची। वह कह रही है कि अबोध बच्चों को लेकर अब कैसे जिऊंगी।
पापा ने आम देने के लिए बुलाया है, हम सब लेकर ननिहाल चलेंगे
श्रीप्रकाश की तीनों बेटियां अभी छोटी हैं, जिनके भविष्य को लेकर लोग चिंतित हैं। ननिहाल से आई बेटियां अपने पिता की मौत से बेखबर हैं। करीब 11 साल साल की बेटी अनुष्का अपनी छोटी बहनों को ढांढ़स बधा रही थीं। वह कह रही थी पापा ने आम देने के लिए बुलाया है। वह आम तोड़कर देंगे उसे लेकर हम ननिहाल चलेंगे। छोटी बेटी अंतिका कह रही थी पापा को पुलिस उठा ले गई, जिन्हें देख मौजूद सभी की आंखें भर आईं।