धर्मापुर। शौचालय का अनुदान देने में बड़ी धांधली सामने आई है। जिनके पास लाखों रुपये से बने पक्के मकान हैं, उन्हें भी शौचालय के लिए सरकारी अनुदान दिया गया है। सोमवार की रात कबीरुद्दीनपुर गांव में डीएम की चौपाल में यह मामला सामने आया। सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने सेक्रेट्री से अनुदान की राशि की रिकवरी कराने के आदेश दिए हैं। उस पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। इस दौरान मृतकों का वरासत कर घर न पहुंचाने पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। कोटे की दुकान का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है।
डीएम रात साढ़े 11 बजे कबीरुद्दीनपुर गांव पहुंचे। ग्रामीणों से विकास कार्यों के बारे में पूछताछ की। गांव के रामनाथ पुजारी, राजेंद्र यादव, छबिराज यादव, लालमन, महेंद्र यादव, कृष्ण मुरारी, राजेश आदि ने सबसे पहले गांव के कोटेदार सत्यनारायण राय पर पांच यूनिट के कार्डधारकों को सिर्फ 4 यूनिट का राशन देने और अधिक दाम लेने की शिकायत की। गांव के लेखपाल साहब लाल चौहान पर मृतक के वारिसों की खतौनी अभी तक काश्तकारों को न देने और धनउगाही का आरोप लगाया। निरीक्षण के दौरान गांव में दो शौचालय ऐसे मिले, जिसका निर्माण ऐसे परिवारों में हुआ था, जिनके पास ऊंचे पक्के मकान हैं। फटकार लगाते हुए डीएम ने सचिव से शौचालय के पैसे की रिकवरी करने का आदेश दिया। चौपाल के दौरान सीआरओ डॉ.सुनील वर्मा, नायब तहसीलदार मान्धाता सिंह, ग्राम प्रधान संगीता यादव आदि मौजूद रहे।