फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना की मार, बेदम हुआ होली का बाजार

विज्ञापन
।- पॉलिटक्निक चौराहे पर सजी पिचकारी की दूकान। - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
जौनपुर। कोरोना वायरस के असर ने होली के बाजार का भी दम निकाल दिया है। रंगोत्सव में सिर्फ छह दिन शेष हैं, लेकिन रंग, गुलाल, पिचकारी के बाजार में कोई रंगत नहीं है। इसकी दुकानें भी अभी सज नहीं पाई है। चीन से आने वाले सामान की आपूर्ति न हो पाने के कारण ज्यादातर दुकानों पर पुराना स्टॉक ही है। कुछ स्थानों पर नया माल आया भी है तो रेट काफी ज्यादा है। नतीजा दुकानदार मंदी की आशंका से सहमे हुए हैं।
विज्ञापन

होली पर शहर में दो सौ से अधिक दुकान अबीर, गुलाल, पिचकारी सहित होली से जुड़े अन्य सामानों के लिए सजती हैं। इनमें थोक व फुटकर का कारोबार होता है। दुकानों पर बिकने वाली पिचकारियां, टोपी ज्यादातर चीन से ही आती हैं। सस्ते दाम पर उपलब्ध होने वाली यह पिचकारी इस बार बाजार से गायब है। रंग, अबीर सहित बच्चों के मनोरंजन के अन्य सामान भी नहीं आ पाए हैं। पॉलीटेक्निक चौराहा पर रंग, पिचकारी आदि की थोक दुकान चलाने वाले वसीम बताते हैं कि वह दिल्ली से माल लाते हैं, जहां चीन से आपूर्ति होती है। चीन में कोरोना वायरस के चलते वहां से माल नहीं आ पा रहा। कुछ सामान आया भी है तो उसका दाम दस प्रतिशत तक महंगा हुआ है। पुराना स्टॉक ही जैसे-तैसे निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि होली से 15 दिन पहले से ही दुकानें लग जाती थी, लेकिन इस बार तो ग्राहक ही नहीं हैं। ओलंदगंज में होली के सामानों के विक्रेता सूरज ने बताया कि बाहर से माल नहीं आने के कारण इस बार अब तक दुकान नहीं लगाए हैं। काफी प्रयास किया गया, लेकिन माल सुलभ नहीं हो गए। एक-दो दिन और इंतजार करते हैं, वरना पुराने स्टॉक की ही बिक्री की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें