बकाया मानदेय भुगतान समेत कई अन्य समस्याओं को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने
सोमवार को कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि प्राथमिक और
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य अधीक्षकों और एएनएम द्वारा आशा
कार्यकर्ताओं का शोषण किया जा रहा है।
अपनी समस्या और उसके निस्तारण से
संबंधित पत्रक सीएमओ को सौंपा। धरने में शामिल आशा कार्यकर्ताओं का
आरोप है कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी
द्वारा आशा को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि और आशा डायरी का पैसा नहीं दिया
जाता।
आशा कार्यकर्ताओं का मानसिक उत्पीडन किया जाता है। आशा बहू
कल्याण समिति की प्रांतीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र पर आशा बाउचर जमा करने पर उनसे सुविधा शुल्क की मांग की जाती है।
जो आशा कार्यकर्ता पैसा नहीं देती तो उनका मानदेय रोक दिया जाता है।
ऐसी
धांधली की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। धरने में एक सौ से अधिक की
संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल थीं।