बालक भी अपने परिजनों के साथ इसी कॉलोनी में रहता है। शिक्षक ने अच्छी किताब देने के बहाने बुधवार को बालक को अपने घर बुलाया था। बालक घर पहुंचा तो संतोष ने कमरा बंद करके उसके साथ अश्लील हरकत शुरू कर दी। जबरदस्ती संबंध बनाने का प्रयास किया। घटना से घबराया बालक रोते हुए घर आया और अपनी मां से पेट में दर्द होने की शिकायत की। परिजनों ने पूछा तो आपबीती बताई और कहा कि शिक्षक ने अप्राकृतिक दुष्कर्म किया है।
पुलिस ने लैंगिग अपराधों से बालकों संरक्षण अधिनियम की दो सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि बालक का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक शहर बृजेश कुमार ने कहा कि 11 वर्षीय बालक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में डिग्री कॉलेज के लॉ विभाग के शिक्षक संतोष कुमार सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एलएलबी के जिस शिक्षक पर बुधवार को बालक से अप्राकृतिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, वह अश्लील बातचीत के वायरल वीडियो मामले में जांच कमेटी का सदस्य भी बताया गया है। हालांकि इस घटना के बाद वह जांच कमेटी का सदस्य रहेगा या नहीं, यह प्रबंध समिति ही तय करेगी। बहरहाल, कॉलेज के प्राचार्य ने आरोपी शिक्षक को जेल भेजने के बाद कॉपी आने पर कार्रवाई करने की बात कही है।
25 मई को डिग्री कॉलेज में प्राचीन इतिहास विभाग के एचओडी डॉ. प्रदीप सिंह का एक छात्रा से अश्लील बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आरोपी प्रदीप सिंह के खिलाफ लाइन बाजार थाने में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद कॉलेज प्रबंध समिति की बैठक बुलाई गई।
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार आरोपी प्रोफेसर प्रदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पांच सदस्यीय जांच कमेटी भी बनाई गई। जांच कमेटी का संयोजक ओम प्रकाश सिंह को बनाया गया। इसमें अरुण कुमार चतुर्वेदी, आभा सिंह या सुषमा सिंह, संतोष कुमार सिंह व श्रद्धा सिंह को शामिल किया गया। इस कमेटी को जांच करके 15 दिन में रिपोर्ट देनी है।