हिंदी का शिक्षक समाजशास्त्र तो जंतु विज्ञान का शिक्षक वनस्पति विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा लेगा। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में काम कर रही एजेंसी की लापरवाही से परीक्षक परेशान हैं। प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए परीक्षकों को गलत सूचना भेजी जा रही है। शिक्षक किसी विषय के हैं और उन्हें परीक्षक अन्य विषयों का बना दिया जा रहा है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर के 586 महाविद्यालयों में पहले, दूसरे और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षाएं चार जनवरी तक संचालित होनी हैं। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए परीक्षकों की सूची जारी कर दी। परीक्षकों को प्रैक्टिकल अलाॅट करने की जिम्मेदारी एजेंसी को सौंपी गई है। एजेंसी परीक्षकों को जो सूचनाएं भेज रही है, उनमें तमाम खामियां हैं। कुछ परीक्षकों को अब तक सूचना नहीं मिली है। जिन परीक्षकों को सूचना मिली है, उन्हें गलत विषय अंकित कर सूचना भेज दी जा रही है। परीक्षकों की शिकायत के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। हिंदी के परीक्षक को समाजशास्त्र तो प्राणी विज्ञान के परीक्षक को वनस्पति विज्ञान विषय अलॉट कर दिया जा रहा है। कई परीक्षकों को भेजा गया मैसेज खुल ही नहीं रहा है। इसके चलते परीक्षकों को यह जानकारी नहीं हो पा रही है कि उन्हें किस विषय की परीक्षा किस केंद्र पर करानी है। विश्वविद्यालय के लिपिक भी परीक्षकों को जानकारी देने में हीलाहवाली कर रहे हैं।