शहर में कई ऐसी तंग गलियां है जहां कभी आग लगी तो उसे बुझाने में फायर विभाग को मुश्किलों से गुजरना होगा। वजह यह कि अगलगी की घटना से निबटने के लिए जगह जगह बनाए गए हाइड्रेेंट प्वाइंट अब अतिक्रमण में दफन हो चुके हैं। शहर भर में कभी कुल 57 हाइड्रेंट प्वाइंट थे, जिसमें से मौजूदा समय में सिर्फ दो बचे हैं।
बाकी का पता नहीं है। फायर विभाग के नक्शे में ये हाईड्रेंट प्वाइंट आज भी दर्ज हैं, लेकिन मौके पर वहां या तो चौड़ी सड़कें बन गई हैं या फिर मकान। आग की घटनाओं के दौरान पानी की व्यवस्था करने के लिए कई वर्षों पूर्व शहर के 57 स्थानों पर फायर हाईड्रेंट प्वाइंट का निर्माण हुआ था।
हाईड्रेंट प्वाइंट से दमकल की गाड़ियां पानी की व्यवस्था करती थीं। फायर हाईड्रेंट प्वाइंट को सुरक्षित करने के लिए दमकल विभाग के अधिकारियों ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। इससे शहर में दमकल विभाग के 57 फायर हाईड्रेंट प्वाइंट में से 55 अतिक्त्रस्मण की चपेट में जमीन में दफन हो गए हैं। सिर्फ नाम भर के लिए दो प्वाइंट ही शहर में बचे हैं। जिनमें एक प्वाइंट खरका कालोनी में तो दूसरा ऊर्दू बाजार पानी की टंकी के पास है। अब दमकल विभाग नगर पालिका के नलकूपों पर लगे फायर कपलिंग से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के लिए पानी जुटा रहा है।