तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे और ये दावा किताबी है...। आदम गोंडवी के गीत की ये लाइनें जौनपुर-शाहगंज मार्ग की बदहाली बयां करने के लिए जनता की गुहार बन गईं।
चार साल से जानलेवा हादसों की वजह बने जर्जर मार्ग पर बृहस्पतिवार को कलाकारों ने अनोखा प्रदर्शन कर विरोध जताया। ढोलक, हारमोनियम के साथ सड़क पर उतरे कलाकारों ने गजल, भजन और बिरहा गाकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को सड़क की सुधि लेने की नसीहत दी।
कहा कि कई ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को जोड़ने वाले इस मार्ग की हालत सुधारने की दिशा में न जनप्रतिनिधि सोच रहे हैं और ना ही शासन-प्रशासन के लोग। कलाकारों ने इस मार्ग को शीघ्र बनवाने की मांग की।
लुंबिनी से दुद्धी को जोड़ने वाला जौनपुर-शाहगंज मार्ग पिछले करीब चार साल से सरायख्वाजा से लेकर अंबेडकर नगर जिले की सीमा तक अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
मार्ग पर डेढ़ से दो फीट के गड्ढे कई जानलेवा हादसों का कारण बनने के साथ-साथ राहगीरों के लिए गंभीर बीमारी और वाहनों का मेंटेनेंस खर्च बढ़ाने का सबब भी बन चले हैं।
आलम यह है कि यातायात के दबाव के चलते बेहद व्यस्त रहने वाले मार्ग पर यात्रा का नाम लेने मात्र से ही वाहन चालकों और यात्रियों को पसीना छूटने लगता है।
जर्जर मार्ग की मरम्मत के लिए कई बार संगठनों और राजनीतिक दलों ने धरना-प्रदर्शन किए, लेकिन बृहस्पतिवार को अनोखा प्रदर्शन हुआ। सड़क की दुर्दशा कलाकारों से भी नहीं देखी गई।
लिहाजा जिले के भजन और गजल गायक अवनीश तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कलाकार साज-बाज के साथ दरी बिछाकर भुड़कुड़हां मोड़ के समीप सड़क पर बैठ गए।
कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत गाकर जिम्मेदारों का ध्यान सड़क की दुर्दशा की ओर आकृष्ट कराते हुए मार्ग को फौरी तौर पर बनवाने की मांग की। इस दौरान मार्ग से आने-जाने वाले लोगों ने भी उनका साथ दिया।
तकरीबन एक घंटे बाद कलाकारों ने स्वत: ही प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से आलोक मिश्रा, नंदलाल, पीसी मौर्या, इंद्रजीत, राना अस्थाना, चंद्रभान, राजेश अस्थाना, संदीप, सुनील अस्थाना, अर्जुन, अविनाश आदि मौजूद रहे।