02- हरिहर सिंह पब्लिक स्कूल में लैपटॉप पर यूपी बोर्ड का रिजल्ट देखती छात्राएं।
- फोटो : JAUNPUR
यूपी बोर्ड में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में बेटियों ने फिर बाजी मारी है। जौनपुर में हाईस्कूल में कुल 76.64 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए हैं, जिसमें छात्राओं का प्रतिशत 79.72 और 73.50 फीसदी छात्र सफल हुए। इंटरमीडिएट में 71.62 प्रतिशत ने परीक्षा पास की। इसमें 77.55 फीसदी छात्राएं और 65.94 प्रतिशत छात्र हैं। मुंगराबादशाहपुर के सेंट जोसेफ स्कूल के छात्र हरिओम पटेल 93 प्रतिशत अंकों के साथ हाईस्कूल और सिकरारा के मां शारदा बालिका इंटर कॉलेज खानापट्टी की जागृति मौर्य 90 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट में अव्वल रहीं।
बोर्ड परीक्षा के नतीजों को लेकर परीक्षार्थियों में कई दिनों से उत्साह बना हुआ था। शनिवार को जब रिजल्ट घोषित होने की बारी तो उनकी बेताबी चरम पर पहुंच गई। घंटे भर पहले से ही वह मोबाइल और कम्प्यूटर में इंटरनेट पर रिजल्ट के बारे में जानकारी हासिल करने में जुट गए। उनकी निगाहें हर पल स्क्रीन पर ही टिकी हुई थी। दोपहर में जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, परीक्षार्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परीक्षा में शामिल अधिकांश बच्चे सफल हुए हैं। उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाई खिलाकर खुशियां साझा की। स्कूलों में भी मेधावियों की सफलता का जश्न मना। सफल बच्चों ने विद्यालय पहुंचकर अपने शिक्षकों और अभिभावकों का आशीर्वाद लिया। डीआईओएस प्रवीण मणि त्रिपाठी ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल में 98886 और इंटर में 83463 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। कुल 11502 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी थी। हाईस्कूल में 76.64 और इंटर में 71.62 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए हैं।
---
सुधरा रिजल्ट, फिर भी जिले की रैंकिंग खराब
जौनपुर। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में पास होने वाले बच्चों का प्रतिशत बढ़ा है। वर्ष 2018 और 2019 के सापेक्ष रिजल्ट प्रतिशत में आठ से दस फीसदी तक का इजाफा हुआ है। हालांकि इसके बाद भी जिले की रैंकिंग काफी खराब है। इंटर में जौनपुर पूरे प्रदेश में 61वें स्थान पर है, जबकि हाईस्कूल में 68वां रैंक मिला है। परीक्षा शुरू होने से पहले विभागीय अफसरों का दावा था कि वह जिले को टॉप-10 में लाने की कोशिश करेंगे, लेकिन जौनपुर बॉटम-10 में जगह बना पाया।
---
पिछले तीन वर्षों का परीक्षा परिणाम::
वर्ष 2020:
हाईस्कूल: 76.64 प्रतिशत
इंटर: 71.62 प्रतिशत
---
वर्ष 2019
हाईस्कूल: 69.22 प्रतिशत
इंटर: 59.08 प्रतिशत
---
वर्ष 2018
हाईस्कूल: 67.44 प्रतिशत
इंटर: 67.22 प्रतिशत