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शासन ने शुरू की अनाज की कालाबाजारी की जांच

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मछलीशहर। खाद्यान्न वितरण में गोदाम से कालाबाजारी का खेल खेल रहे एक शख्स के खिलाफ अब शासन के आदेश पर जांच शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर डीएम ने इसकी जांच क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी परवीन बाबी को सौंपी है। इसकी जानकारी होने के बाद खाद्यान्न माफियाओं में हड़कंप मच गया हैं।
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नगर पंचायत मछलीशहर के रामहित ने खाद्यान्न के कालाबाजारी की कुछ दिन पूर्व शिकायत किया था। आरोप लगाया गया था कि बिना किसी आधार के युवक द्वारा विक्रेताओं का शोषण किया जा रहा है। खाद्यान्न कालाबाजारी करने के लिए विक्रेताओं पर दबाव बनाकर बड़े पैमाने पर खुले बाजार में गरीब जनता का राशन बेंच दिया जा रहा है। खाद्यान्न की निकासी उसी व्यक्ति द्वारा करवाई जाती है और उन विक्रेताओं को निकासी में प्राथमिकता दी जाती है, जो खाद्यान्न की कालाबाजारी और उसके डायवर्जन में सहयोग करते हैं। जिन विक्रेताओं के द्वारा ऐसा नहीं करते उनको खाद्यान्न निकासी के लिए बार-बार गोदाम पर बुलाकर बिना खाद्यान्न दिए ही वापस कर दिया जाता है। बसपा सरकार के मंत्री रहे सुभाष पांडेय ने अपने कार्यकाल में मिट्टी के तेल की कालाबाजारी किए जाने के कारण प्रथम सूचना रिपोर्ट उसके खिलाफ मछलीशहर में दर्ज करावाया था। इन दोनों प्रकरणों के बावजूद भी अभी तक खाद्यान्न माफियाओं को गोदाम पर प्रसय दिया जा रहा है। जिससे इनका मनोबल बढ़ता जा रहा है। सरकार का सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा एमडीएम, आंगनबाड़ी तथा विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ कार्ड धारकों,विद्यालयों के बच्चों को देने का जो संकल्प है उसमें बाधा उत्पन्न हो रही है। जिसकी जांच के लिए अनु सचिव दयाराम द्वारा जिलाधिकारी जौनपुर को पत्र जारी किया गया हैं। जिलाधिकारी ने एआरओ समेत विभाग के अधिकारियों को जांच सौंपकर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। जिसकी जांच शुरू होते ही खाद्यान्न माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
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