जली विभाग बकाया वसूली करने में दोहरी नीति अपना रहा है। विभागों के बकायों के प्रति उसके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। 20 विभागों का लगभग तीन करोड़ 50 लाख रुपये बकाया है। जबकि कामर्शियल सहित पंपिंग सेट व बत्ती आदि के बकाएदारों के विरुद्ध रोज अभियान चलाकर कनेक्शन काटने सहित एफआईआर दर्ज कराने का कार्य किया जा रहा है। अब तक अभियान चलाकर विभाग ने प्राइवेट 93 बकाएदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया है। साथ ही 650 बकाएदारों के कनेक्शन कांटे गए हैं।
बिजली विभाग द्वारा रोज अभियान चलाकर बकाया वसूलने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन उसकी यह कार्यवाही सिर्फ कामर्शियल सहित पंपिंग सेट व बत्ती आदि के बकाएदारों तक ही सीमित है। वहीं विभागों में बकाए बिल की वसूली को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। न तो विभाग को नोटिस ही दी गई हैं और न हीं विभागों के विरुद्ध कोई अन्य कार्यवाही ही की जा रही है।
जबकि विभागों के आंकड़ों पर गौर करें तो 20 विभागों का लगभग तीन करोड़ 50 लाख रुपये बिजली बिल का बकाया है।जिसमें कृषि में 4.55 लाख, ब्लाक कार्यालयोें में 24.25 लाख, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में 57.34 लाख, पशु चिकित्सालय का 3.26 लाख, चिकित्सा में 1.16 लाख, निर्वाचन में 12.51 लाख, परिवहन में नौ हजार, पर्यावरण में 6.94 लाख, विशेष क्षेत्र कार्यक्रम मेें3.16 लाख, सेतु में 24.63 लाख, संचार साधन सड़कों में 4.82 लाख, वन में 7.16 लाख, होमगार्ड 99 हजार, राजनीतिक पेंशनर व अन्य व्यय कार्यालय में 10.15 लाख, ऋण सेवा एवं अन्य व्यय कार्यालय में 1.24 लाख, प्राथमिक शिक्षा में 10.31 लाख, समाज कल्याण में 36 हजार, सार्वजनिक उद्ययन में 16.41 लाख, सिंचाई में 2.70 लाख रुपए बकाया है। विद्युत वितरण खंड तृतीय के एक्सईएन एसके सोनोदिया का कहना है कि विभागों का बकाया वसूलने का कार्य मार्च माह में किया जाएगा। 20 विभागों पर तकरीबन साढ़े तीन करोड़ रुपए बकाया है।