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गोमती का पानी स्थिर पर मुसीबत कम नहीं 

Wed, 24 Aug 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
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मीरगंज के चितांव गांव स्थित बनई नाला में आए बारिस के पानी की वजह से खेतों में लगा पानी ।
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 चंदवक इलाके के बाढ़ प्रभावित इलाके में गोमती नदी का जल स्तर तो स्थिर है, लेकिन पर गांव के लोगों की मुसीबत कम नहीं हो रही है। अब भी दर्जन भर गांवों के खेत और घर पानी से घिरे हैं। कई परिवारों के लोग गांव में दूसरे के घरों में शरण लिए हुए हैं। बुधवार को एसडीएम केराकत सहदेव मिश्रा ने अपने मातहतों के साथ बाढ़ प्रभावित गांव चंदवक घाट और बलुआं गांव में भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों को फिर भरोसा दिया कि उन्हें गांव से बाहर निकालने की नौबत आएगी उसके लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। गांव के बाहर ऊंचाई पर स्थित विद्यालय पर राहत शिविर स्थापित कर दिया गया है। अगर वे चाहें तो अभी से शिविर में रह सकते हैं। 
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हालांकि एसडीएम के कहने के  बाद भी गांव के लोग राहत शिविर में जाने को तैयार नहीं हुए। वे घरों के आस पास ही ऊंचाई पर स्थित दूसरों के घरों में या फिर छत पर टेंट लगाकर शरण लिए हुए हैं। बुधवार को सेमरी, बरइछ, बरहपुर, चवरवर, चौबेपुर, बरमलपुर गांव की भी बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई। चंदवक और  बलुआ गांव की बिजली सप्लाई मंगलवार को ही बंद कर दी गई थी। इन गांवों में लगे विद्युत पोल पानी से घिर गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई है। लालटेन की रोशनी में लोग रात गुजार रहे हैं। उधर एक सप्ताह से पानी में डूबी फसल बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीणों का मानना है कि अब नदी का जल स्तर घट भी गया तो भी वे फसल को बचा नहीं सकेंगे। बाढ़ के चलेत पशुओं के लिए उत्पन्न चारे का संकट अभी बरकरार है। ग्रामीणों की माने तो नदी का पानी जहां मंगलवार को था उसी स्थान पर बुधवार को भी रहा। लोगों को उम्मीद है कि पानी अब स्थिर हुआ है तो नदी का जलस्तर अगले कुछ घंटों में घटने लगेग। 
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