गंगा में आई बाढ़ के चलते गोमती के साथ अन्य सहायक नदियां भी उफान पर हैं। नदियों में पानी के बहाव के गति मंद पड़ती जा रही है। जिससे नदी का पानी गांवों की ओर रुख कर रही है। बदलापुर के पास पीली नदी पर बना रपटा पुल पानी में डूब गया। जिससे दोनों छोर पर बसे गांवों का सम्पर्क एक दूसरे से टूट गया है। दलापुर तहसील मुख्यालय या जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए इन गांव के लोगों को करीब 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
उधर चंदवक इलाके के 12 गांवों में गोमती का पनी घुसने से लोग परेशान हैं। गांव के लोगों के समक्ष पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। चंदवक इलाके के जिन लोगों के घरों में पानी घुस गया है वे मकान की छत पर टेंट लगाकर शरण लिए हुए हैं।डोभी प्रतिनिधि: के अनुसार चंदवक इलाकें के बरमलपुर, बरौटी, बरईछ, रामगढ़, हरिहरपुर, चवरवर, बलुआ, पड़रक्षा और बाबाकाबन आदि गांवों के लोग बाढ़ से पीड़ित हैं।
किसी काम से लोगों को घर से बाहर निकलना पड़ रहा है तो लोग घुटने भर पानी से होकर निकल रहे हैं। इन गांवों के लोगों के समक्ष पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। खेत पानी में डूब गए हैं। मक्का, उड़द, बाजरा आदि की फसल भी पानी से चौपट हो रही है। बाजार जाने के लिए लोग नाव के सहारे गांव से बाहर निकल रहे हैं।
बलुआ गांव के गिरिजाशंकर कहते हैं कि घर में जो थोड़ा बहुत भूसा था उसी से पशुओं को जिला रहे हैं। कुछ और दिनों तक बाढ़ टिक गई तो भूसा भी समाप्त हो जाएगा। इसी गांव के गुलाब के घर में पानी घुस गया है। उनका पूरा परिवार गिरिजाशंकर के मकान की छतपर टेंट डालकर शरण लिए हुए हैं। सेमरी गांव के दयाशंकर कहते हैं कि बाजार जाने के लिए इस समय दो किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय कर के पहुंचते हैं।
चंदवक घाट निवासी निसार अहमद कहते अपनी निजी नाव रखे हैं। बाजार जाने के लिए वह नाव से गांव के बाहर पहुंचते हैं और वहां से बाजार जाते हैं।घनश्यामपुर : प्रतिनिधि के मुताबिक बदलापुरखुर्द गॉव के पास पीली नदी पर बना रपटा पुल पानी में डूब गया है। इससे आस पास के करीब 18 गांवों का एक दूसरे से सम्पर्क टूट गया है।
बदलापुर खुर्द, वीरभानपुर, रारी कला , रारी खुर्द , दुर्गापट्टी , लेदुका , मसनपुर , मोलनापुर , मछलीगॉव आदि गांव के लोगों को बदलापुर तहसील मुख्यालय आने के लिए 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर बटाऊबीर होकर आना पड़ रहा है। धर्मापुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के विझवार सारंग, विझवार सागर, नैपुरा, मोहिउद्दीनपुर, बेलाव गांव के खेतों में पानी गोमती नदी का पानी पहुंच गया है।