जौनपुर। बीते सप्ताह में पांच दिन हुई लगातार बारिश के बाद गोमती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार को जलस्तर 71.39 मीटर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से गोपी और गोकुल घाट की सीढि़यां डूब गईं हैं। गोमतेश्वर महादेव मंदिर में पानी भर गया है। नवदुर्गा मंदिर से नखास की ओर जाने वाले मार्ग पर पानी चढ़ने लगा है। रामघाट पर अंतिम संस्कार में भी परेशानी हो रही है। आपदा विभाग के प्रदीप कुमार ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि मंगलवार से शुरू हुई। एडीएम वित्त एवं राजस्व परमानंद झा ने बताया कि जिले में 347 गांव संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं। निगरानी के लिए 58 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। गोमती, सई, पीली और वरुणा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिले में 42 गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। सदर में 12, मड़ियाहूं में पांच, मछलीशहर में दो, शाहगंज में चार, केराकत में तीन और बदलापुर में 12 गोताखोर लगाए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लिए नाविकों की भी व्यवस्था की गई है। वहीं, केराकत में गोमती नदी का जलस्तर करीब 40 सेंटीमीटर और घटकर खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे पहुंच गया है। जलस्तर में गिरावट से फिलहाल बाढ़ का खतरा टलता नजर आ रहा है।