गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त करने के सभी प्रयास विफल साबित हो रहे हैं जबकि उसको स्वच्छ बनाने के लिए रोज अभियान चलाया जा रहा है।
इसके बाद भी सीवर का गंदा पानी सीधे गोमती में गिर रहा है। इसको रोकने के लिए नगर पालिका द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नगर पालिका की ओर से किसी प्रकार का प्रस्ताव भी तैयार नहीं किया गया है।
इससे स्वच्छता अभियान पूरी तरह से फ्लाप साबित हो रहा है। लोगों को नदियों को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
लेकिन गोमती को प्रदूषण मुक्त बनाने की योजना तब तक सफल नहीं होगी जब तक की शहर का गंदा पानी गिरता रहेगा। बता दें कि रोज शहर का गंदा पानी सीवर के सहारे गोमती में गिर रहा है।
इस दौरान पूरे नगर पालिका क्षेत्र का गंदा पानी नदी में 15 स्थानों पर गिर रहा है। इसमें बेगमगंज, बजरंग घाट, हनुमान घाट, चकप्यार अली, सूरजघाट, ताड़तला, नक्खास, मछली मार्केट के पीछे व शेखपुरवा आदि स्थानों पर नाले के से गंदा पानी गिरता है।
गोमती में गंदा पानी न गिरे इसके लिए अभी तक जिले में कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। नगर पालिका भी इसको लेकर लापरवाह बना हुआ है।