महाराजगंज थाना क्षेत्र के भटपुरवा गांव के पास से गुरुवार की शाम को महिला के गले से सोने की चेन छीनकर भाग रहे जिन बदमाशों को ग्रामीणों ने पकड़ा था वे महाराजगंज इलाके के ही एक व्यक्ति की हत्या के लिए सुपारी लेकर जा
रहे थे। आरोप है कि असरोपुर के ग्राम प्रधान की हत्या के आरोप में जेल में बंद रामयश यादव ने अपने सगे भाई को मरवाने के लिए बदमाशों को सुपारी दी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। पकड़े गए
बदमाशों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास और लूट समेत अन्य कई मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी भारत सिंह यादव ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पूरे घटना क्रम का खुलासा करते हुए
बताया कि गिरफ्तार बदमाश रणविजय सिंह निवासी शाहपुर, सिकरारा और राकेश यादव निवासी गौराबादशाहपुर लूट और हत्या के अलग अलग मामलों में जेल में बंद थे। जेल में असरोपुर के ग्राम प्रधान ओमप्रकाश यादव की हत्या के
आरोप में बंद उसी गांव के रामयश यादव एवं कपिल देव से इन दोनो की दोस्ती हो गई। राकेश और रणविजय पिछले दिनों जमानत पर जेल से बाहर आ गए। जेल के अंदर ही रामयश ने अपने सगे भाई राजाराम यादव (55) की हत्या की
साजिश रच दी। एसपी ने बताया कि भाई की हत्या कराकर रामयश एक तीर से दो निशाने साधना चाहता था। वह चाहता था कि नि:संतान भाई की हत्या हो जाएगी तो एक तो उसके हिस्से की प्रापर्टी उसे मिल जाएगी, दूसरे हत्या का
आरोप ओमप्रकाश के परिवार के लोगों पर मढ़ जाएगा। ऐसा हुआ तो उसका केस भी कमजोर हो जाएगा। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को 10 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि बदमाश हत्या के लिए असरोपुर गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। बचने के लिए बदमाश रास्ता बदल दिए। भटपुरा गांव के पास महिला के गले से चेन छीनकर भाग रहे थे।
महिला और उसके फु फेरे भाई ने शोर मचाते हुए बाइक से पीछा कर लिया। आगे ग्रामीणों ने घेर लिया। क्राइम ब्रांच के प्रभारी राजीव सिंह सामने से लौट रहे थे। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने बदमाशों को दबोच लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए इन बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग भी की थी।