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जौनपुर में इलाज के दौरान बालिका की मौत, पिता ने शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की

Fri, 20 Nov 2020 12:08 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर जिले के सिटी रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती बालिका की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पिता ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की भी कोशिश की। कहा, मौत के बाद भी पैसे के लिए शव को घंटों वेंटीलेटर पर रखा गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाबुझाकर लोगों को शांत कराया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के रामनगर विधमौवा गांव निवासी संजय तिवारी की बेटी गोल्डी (9) गत 15 नवंबर को गाय के हमले से गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। उसके सिर में गंभीर चोट आई। परिवारवालों ने उसे सिटी स्टेशन रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। गुरुवार की सुबह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसकी जानकारी होते ही परिजन हंगामा करने लगे। पिता संजय तिवारी का आरोप था कि उसके पास आयुष्मान कार्ड है, लेकिन आयुष्मान कार्ड पर उपचार की सुविधा न होने की दलील देते डॉक्टरों ने 50 हजार नकद रुपये जमा कराया। रात में हालत खराब होने की बात कहते हुए डॉक्टर ने गोल्डी को वेंटिलेटर पर रख दिया और सुबह नौ बजे मौत होने की जानकारी दी।
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उनका कहना था कि इलाज में लापरवाही बरती गई। बालिका की रात में ही मौत हो गई थी, लेकिन पैसा वसूलने के लिए शव को रात भर वेंटिलेटर पर रखा गया। परिजन अस्पताल के सामने ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। पिता ने बाइक से पेट्रोल निकालकर शरीर पर छिड़ककर खुद को आग लगाने की कोशिश की।
 

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मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह रोका। सूचना पाकर लाइन बाजार एसओ जेपी सिंह मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझा-बुझाकर शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ ने बताया कि बालिका के परिजनों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। चिकित्सकीय टीम मामले की जांच करेगी। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

उससे स्पष्ट हो जाएगा कि मौत कैसे और कब हुई है। रिपोर्ट आने के बाद तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, अस्पताल के चिकित्सक का कहना था कि भर्ती के दौरान ही बालिका की हालत गंभीर थी। परिजनों को इस बारे में अवगत करा दिया गया था, बावजूद वह भर्ती कर उपचार की जिद पर अड़े रहे। पैसे के लिए शव वेंटिलेटर पर रखे जाने की बात गलत है।
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