जौनपुर जिले के सिटी रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती बालिका की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पिता ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की भी कोशिश की। कहा, मौत के बाद भी पैसे के लिए शव को घंटों वेंटीलेटर पर रखा गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाबुझाकर लोगों को शांत कराया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के रामनगर विधमौवा गांव निवासी संजय तिवारी की बेटी गोल्डी (9) गत 15 नवंबर को गाय के हमले से गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। उसके सिर में गंभीर चोट आई। परिवारवालों ने उसे सिटी स्टेशन रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। गुरुवार की सुबह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसकी जानकारी होते ही परिजन हंगामा करने लगे। पिता संजय तिवारी का आरोप था कि उसके पास आयुष्मान कार्ड है, लेकिन आयुष्मान कार्ड पर उपचार की सुविधा न होने की दलील देते डॉक्टरों ने 50 हजार नकद रुपये जमा कराया। रात में हालत खराब होने की बात कहते हुए डॉक्टर ने गोल्डी को वेंटिलेटर पर रख दिया और सुबह नौ बजे मौत होने की जानकारी दी।
उनका कहना था कि इलाज में लापरवाही बरती गई। बालिका की रात में ही मौत हो गई थी, लेकिन पैसा वसूलने के लिए शव को रात भर वेंटिलेटर पर रखा गया। परिजन अस्पताल के सामने ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। पिता ने बाइक से पेट्रोल निकालकर शरीर पर छिड़ककर खुद को आग लगाने की कोशिश की।