जौनपुर। किसी तरह का संकट होने पर लोग 112 नंबर डायल करके पीआरवी (पुलिस रिस्पांस ह्वीकल) को बुलाते हैं। मंडल में गाजीपुर की पुलिस सबसे जल्दी पहुंचती है जबकि वाराणसी की पुलिस सबसे देर में आती है। रिस्पांस के मामले में जौनपुर की टीम दूसर नंबर पर है।
पीआरवी (पुलिस रिस्पांस ह्वीकल) की सितंबर महीने की रिस्पांस टाइम शुक्रवार की देर रात जारी की गई। गौतमबुद्ध नगर के पीआरवी का रिस्पांस टाइम सबसे कम है। यहां पुलिस औसतन छह मिनट दो सेकेंड में घटनास्थल पर पहुंची। प्रदेश के शीर्ष दस स्तान में भदोही की पुलिस है, जिसका रिस्पांस टाइम आठ मिनट तीन सेकेंड है। वाराणसी मंडल के चार जनपदों वाराणसी मंडल में सबसे कम रिस्पांस टाइम गाजीपुर का है। यहां शहरी क्षेत्र में नौ मिनट 17 सेकेंड और ग्रामीण क्षेत्र में रिस्पांस टाइम नौ मिनट 46 सेकेंड में पुलिस पहुंच जाती है। रिस्पांस टाइम औसतन नौ मिनट 42 सेकेंड का है।
दूसरे नंबर जौनपुर की पुलिस है। ग्रामीण क्षेत्र में 11 मिनट 29 सेकेंड और शहर में नौ मिनट एक सेकेंड में पुलिस वैन पहुंच जाती है। जिले का औसत रिस्पांस टाइम 11 मिनट 15 सेकेंड है। चंदौली जिले की डायल 112 टीम गांवों में 11 मिनट 44 सेकेंड और शहरी क्षेत्र में 10 मिनट 54 सेकेंड में पहुंची। इस तरह से यहां का औसत रिस्पांस टाइम 11 मिनट 16 सेकेंड रहा। वाराणसी जिले की पीआरवी रिस्पांस टाइम 11 मिनट 48 सेकेंड का रहा। यहां ग्रामीण क्षेत्र में मात्र 11 मिनट 48 सेकेंड जबकि शहरी इलाके में 21 मिनट से ज्यादा का समय जाया हुआ।
सड़क हो दुरुस्त तो बेहतर होगी टाइमिंग
जिले में डायल 112 में 78 गाड़ियां चलती हैं। इसमें 54 चार पहिया और 24 दो पहिया वाहन हैं। डॉयल 112 के प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि पहले से काफी सुधार हुआ है। वाराणसी जोन में जौनपुर तीसरे नंबर पर है। इसे पहले नंबर पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि यदि सड़कें बन जाएं, रेलवे क्रॉसिंग आदि की समस्या हल हो जाए और मानक से ज्यादा दूरी तक चल चुकी गाड़ियों के बदले नई गाड़ी मिल जाए तो रिस्पांस टॉइम में और सुधार आएगा।