जौनपुर। शादी के सीजन और गर्मियों में घर लौटने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महानगरों से आनी वाली सभी ट्रेनों में लंंबी वेटिंग है। ऐसे में बिना कंफर्म टिकट मिले यात्रा करना आफत मोल लेने जैसा है। आलम यह है कि गोदान एक्सप्रेस, महानगरी एक्सप्रेस, कामायनी व फरक्का एक्सप्रेस में वेटिंग के साथ कई दिनों तक नो रूम की स्थिति बनी है। ऐसे में घर वापसी करना किसी मुसीबत से कम नहीं होगी।
शादी विवाह का सीजन शुरू होने व स्कूल कॉलेज बंद होने से महानगरों से गांवों में आने-जाने वालों का सिलसिला शुरू हो गया है। इससे लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में जहां वेटिंग 200 के पार पहुंच गई है, वहीं कई एक्सप्रेस ट्रेनों में नो रूम हो गया है। लोग अपने सगे संबंधितों की घर वापसी के लिए सुबह से ही आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए भी नंबर लगा दे रहे हैं। स्लीपर से लेकर वातानुकूलित कोचों में एक-एक सीट हासिल करने के लिए लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। आरक्षण केंद्र खुलते ही तत्काल टिकट खत्म हो जा रहा है। लोग कई दिन लगातार लाइन लगाकर लौट जा रहे हैं। स्लीपर और साधारण कोच में भीड़ उमड़ रही है।
ट्रेनों में यह है स्थिति
मुंबई से आने वाली गोदान एक्सप्रेस में 22 अप्रैल तक, सूरत से छपरा जाने वाली ताप्ती गंगा में 26 तक नो रूम है। इसके अलाव मुंबई से आने वाली कामायनी एक्सप्रेस 20 अप्रैल तक व महानगरी एक्सप्रेस में भी नो रूम की स्थिति बनी हुई है। गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस में 336 वेटिंग लिस्ट है। दिल्ली से आने सोहेल देव एक्सप्रेस में 298 वेटिंग, श्रमजीवी एक्सप्रेस में 200 वेटिंग फरक्का एक्सप्रेस में 260 वेटिंग, ऐसे में यात्रियों का सफर किसी मुसीबत से कम नहीं है।
सहालग सीजन से ट्रेनों में भीड़ हो रही है। लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में सीटें फुल हैं। वेटिंग लिस्ट भी 200 के पार पहुंच गई । कई ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन जा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें महानगरों की ओर से आने वाले यात्रियों को हो रही है। - सुनील कुमार मिश्रा, आरक्षण प्रभारी जौनपुर जंक्शन