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मौके पर जाकर करें गुणवत्ता पूर्ण समाधान

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सिकरारा/केराकत। जिले के विभिन्न थानों में शनिवार को थाना समाधान दिवस में पुलिस व राजस्व के अफसरों ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। भूमि और पुलिस से जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए मौके पर टीम भेजी गई। डीएम मनीष कुमार वर्मा और एसपी राजकरन नय्यर भी सिकरारा थाने में मौजूद रहे। उन्होंने मौके पर जाकर फरियादियों की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की हिदायत दी।
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सिकरारा थाने में डीएम मनीष कुमार वर्मा ने थाना समाधान दिवस के रजिस्टर में दर्ज शिकायतों की निस्तारण जांच आख्या की समीक्षा की। लंबित सभी प्रकरणों को शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में चौपाल व गोष्ठियों का आयोजन कर लोगों की समस्याओं को सुनें। पंचायत चुनाव को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाए। एसपी ने पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ शिकायतों के निस्तारण को लेकर निर्देश दिए। एसआई रामशंकर पांडेय, संतराम यादव आदि मौजूद रहे। अफसरों ने थाने में चौकीदारों के साथ भी बैठक की। मीरगंज: थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश राय व कानूनगो वीरेंद्र कुमार की मौजूदगी में तीन प्रार्थना पत्र आए। इसमें दो का निस्तारण किया गया। केराकत: कोतवाली में तहसीलदार रामसुधार की अध्यक्षता में आयोजित थाना समाधान दिवस में नौ प्रार्थना पत्रों में एक का निस्तारण किया। सरायबीरु गांव निवासी सुनील सोनकर व विजय सोनकर के बीच जमीन संबधी विवाद में दोनों पक्षों को तहसीलदार ने समझाबुझाकर विवाद समाप्त कराया। बदलापुर थाने में प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार उपाध्याय की मौजूदगी में तीन मामलों की सुनवाई हुई। किसी का भी निस्तारण नहीं हो सका।
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साल भर से विभिन्न थाना और संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायती पत्र देने के बावजूद मामले का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। आए दिन पड़ोसियों से जमीन विवाद में मारपीट की स्थिति बनी रहती है। राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के बीच इधर से उधर दौड़ाई जा रही हूं। अब तो ऐसा लगता है कि तहसील दिवस अथवा थाना दिवस का कोई मायने ही नहीं रह गया। -सावित्री देवी पत्नी फतेह बहादुर, निवासी बरौली थाना बदलापुर।
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मनबढ़ पड़ोसी निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास की शटरिंग नहीं होने दे रहे। पिछले एक साल से वह परेशान कर रहे हैं। समस्या से निजात के लिए विभिन्न थाना व संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र दिया, मगर कुछ नहीं हुआ। हर बार उम्मीद लेकर आती हूं और आश्वासन लेकर लौट जाती हूं। समझ नहीं आता अब किससे गुहार लगाऊं। -जड़ावती पत्नी रामचंद्र निवासी ग्राम बरौली, थाना बदलापुर।
लापता बेटे को ढूंढ नहीं पाई पुलिस, केस में भी लगा दिया एफआर
आलमगंज। सात साल पहले लापता किशोर को पुलिस ढूंढ नहीं पाई और कोर्ट से दर्ज मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी। बेटे की तलाश में बेहाल पिता ने शनिवार को रामपुर थाने में समाधान दिवस पर पहुंचकर सीओ से गुहार लगाई। मामले में पुलिस के रवैए पर असंतोष जताया। कहा कि साहब ऐसी हालत में भला पुलिस पर भरोसा कैसे हो। सीओ राजेंद्र कुमार ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सिधवन मुसईपुर गांव निवासी कन्हैया लाल दुबे का पुत्र प्रदीप कुमार (17) वर्ष 2014 में लापता हो गया। काफी तलाश के बाद उन्होंने थाने में अपहरण की तहरीर दी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो 156 (3) के तहत कोर्ट के आदेश से अपहरण का केस दर्ज कराया। कन्हैया लाल दुबे का आरोप है कि अपहरण के मामले में पुलिस ने लीपापोती करते हुए फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए आरोपियों को बरी कर दिया। थाना दिवस में गोरापट्टी गांव निवासी ज्ञान प्रकाश पाल ने लगातार पांच महीने से चक्कर लगाने के बावजूद जमीन से अवैध कब्जा न हटवाने, कोटी गांव निवासी सूरज दुबे ने चक मार्ग से कोर्ट के आदेश के दो माह बाद भी कब्जा न हटाने, गंधौना गांव निवासी गीता देवी ने लगातार 2 वर्षों से थाना के चक्कर काटने के बाद भी पक्की पैमाइश न कराने का आरोप लगाया।
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