खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से जारी अध्यादेश में दलहन स्टॉक को सीमित किए जाने के कानून का व्यापारियों ने विरोध किया। नए कानून के विरोध में शुक्रवार को गल्ला मंडी पूरी तरह बंद रही। प्रतिष्ठान बंद कर व्यापारियों ने विरोध जताया। साथ ही इसके विरोध में सांसद, विधायक को ज्ञापन सौंपा।
जौनपुर उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष दिनेश टंडन ने कहा कि उम्मीद करते हैं की भारत सरकार हमारी मांग पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने बताया कि जनपद के सांसद विधायक के साथ सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी दिया जा रहा है। जिससे कि हमारी मांग केंद्र सरकार तक अभिलंब पहुंच सके। नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राधेरमण जायसवाल ने कहा कि सरकार को व्यापारियों की इस समस्या का गंभीरता से विचार करना होगा। व्यापारी पहले से ही कोरोना कॉल की वजह से बहुत परेशानी में है। यदि व्यापारियों की मांग पूरी नहीं होगी तो वह राष्ट्रीय नेतृत्व के आदेश पर आंदोलन करने को बाध्य होगें। अनाज व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय केडिया ने बताया कि इस नए अध्यादेश से थोक व्यापारी के लिए दाल का स्टॉक सिर्फ 200 मीट्रिक टन और फुटकर व्यापारियों के लिए सिर्फ 5 मीट्रिक टन रखने का आदेश पारित हुआ है, जो न्याय संगत नहीं है।