रोडवेज परिसर अपनी मांगो को लेकरधरना प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी संघ के लोग।
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जौनपुर। निजी बसों के संचालन के बढ़ावा से परिवहन कर्मचारियों में रोष है। कर्मियों ने इसे परिवहन निगम के निजीकरण का संकेत बताया। निगम को राजकीय रोडवेज घोषित करने और निजीकरण की कोशिशें बंद करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने बुधवार को डिपो परिसर में धरना दिया। पांच सूत्री ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित करते हुए शीघ्र पूरा करने की मांग की।
भवनाथ यादव ने कहा कि परिहवन निगम को कमजोर करते हुए निजीकरण की साजिश रची जा रही है। लखनऊ-गोरखपुर सहित राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के संचालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने की कोई ठोस योजना न बनाकर उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। यह निजीकरण की साजिश है। कहा कि कार्यशालाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को ठेकेदारों के चंगुल से मुक्ति दिलाने पर भी अफसरों का ध्यान नहीं है। सेवानिवृत्ति के चार वर्ष बाद तक अनुशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाना भी जरूरी है। धरने में पुरुषोत्तम यादव, कमला प्रसाद पांडेय, अशोक यादव, रामसकल, रामअधार, सत्यप्रकाश खरे, तुलसीराम मिश्र आदि शामिल रहे।