नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाली गिरफ्तार हुई शिप्रा जायसवाल। पुलिस विभाग
महराजगंज, जौनपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने और फर्जी जॉइनिंग लेटर देने के मामले में पुलिस ने सोमवार की देर शाम गोरखपुर की रहने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया। वह इन दिनों लखनऊ में रहती थी और किसी काम से बदलापुर गेट के पास आई थी। महराजगंज थानाक्षेत्र के कोल्हुआ निवासी विकास कुमार उमर के साथ रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये की ठगी हो गई। आरोपियों ने कहा था कि उनकी रेल मंडल कार्यालय लखनऊ में एक व्यक्ति से पहचान है। रुपये देने पर वह नौकरी लगवा देंगे। विश्वास में आकर विकास ने रुपये दे दिए। पीड़ित ने पांच अक्तूबर 2020 को छह अलग-अलग बैंक खातों में कुल साढ़े सात लाख रुपये दिए। बदले में आरोपियों ने उसे धनबाद रेलवे मंडल में क्लर्क का फर्जी जॉइनिंग लेटर दिया। इसके बाद गुमराह करने लगे। ऐसे करते हुए लगभग पांच वर्ष बीत गए। इसके बाद पीड़ित ने तीन जनवरी को स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई। थानाध्यक्ष तरुन श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में बदलापुर गेट से शिप्रा जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है, जो 229-ए चक्शा हुसैन पंचपेड़वा थाना गोरखनाथ जिला गोरखपुर की निवासी हैं और इस समय आई-36 रेलवे कॉलोनी आलमबाग तेढ़ी पुलिया थाना आलमबाग लखनऊ में रह रहीं थीं। मामले में पुलिस ने आठ जनवरी को भोलानाथ सिंह को गिरफ्तार किया था। वह गोरखपुर के गोला बाजार थानाक्षेत्र के गोपालपुर गांव का निवासी है। इस समय गौतम गार्डन कॉलोनी शिवपुर थाना शिवपुर जिला वाराणसी में रहता था।