केराकत। कोतवाली क्षेत्र के खर्गसेनपुर गांव निवासी एक पिता ने अपनी 18 माह की मासूम बेटी को गोमती नदी में जिंदा फेंक देने की घटना से पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग हैरान हैं कि आखिर एक पिता अपनी ही बेटी को मौत के मुंह में क्यों धकेल देगा। वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस बच्ची का शव बरामद करने में नाकाम रही। पुलिस और गोताखोरों की टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं, मगर अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। गिरफ्तार आरोपी पिता अशोक विश्वकर्मा पुलिस पूछताछ में अब तक अपना जुर्म कबूल नहीं कर रहा है। क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार रजक ने बताया कि बार-बार पूछने के बावजूद आरोपी यह नहीं बता रहा है कि उसने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया। पुलिस पारिवारिक तनाव, मानसिक स्थिति और घरेलू विवाद सहित कई पहलुओं पर जांच कर रही है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना कई लोगों ने अपनी आंखों से देखी थी। इधर मासूम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि जब तक बच्ची का शव बरामद नहीं हो जाता तब तक उनका दर्द कम नहीं होगा। गांव में शोक का माहौल है। वहीं ग्रामीणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तलाशी अभियान तेज नहीं है और अतिरिक्त गोताखोर लगाए जाने की जरूरत है। कोतवाली प्रभारी दीपेंद्र सिंह ने बताया कि नदी का बहाव तेज होने से तलाशी में दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद अभियान लगातार जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बच्ची का शव बरामद कर लिया जाएगा और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।