घटना में वादी पवन कुमार मौर्य समेत छेदीलाल, जियालाल, वीरेंद्र, शशिबाला, रमाशंकर और प्रेमचंद मौर्य को भी चोटें आई थीं। पवन कुमार ने लाइन बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर पहले से मुकदमा चल रहा था और घटना वाले दिन आयुक्त को मौके का मुआयना करना था।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। पवन की निशानदेही पर रामसेवक के घर से लाइसेंसी बंदूक भी बरामद की गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी रामसेवक मौर्य की मृत्यु हो गई, जबकि राजेश उर्फ छोटू को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को सजा सुनाई।