जौनपुर। बंगलूरू में आत्महत्या करने वाले अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया, उसकी मां निशा सिंघानिया, भाई अनुराग सिंघानिया और ताऊ सुशील सिंघानिया ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई है। अभी सुनवाई की तिथि नहीं तय हुई है। जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ताओं का कहना है कि मामले की सुनवाई सिंगल बेंच में संभव है।
अतुल सुभाष ने बंगलूरू में आत्महत्या की थी। सुसाइड नोट और अतुल के भाई विकास की तहरीर के आधार पर कर्नाटक पुलिस ने नौ दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया था। कर्नाटक पुलिस की टीम जौनपुर आई है। थाने और अदालत से साक्ष्य जुटाए हैं। हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिल सकी है। पुलिस टीम का कहना है कि आरोपियों के घर पर नोटिस चस्पा किया गया है। आरोपी तीन दिन में उपस्थित होकर बयान नहीं दर्ज कराते हैं तो अदालत की मदद से गिरफ्तारी का वारंट जारी कराया जाएगा। जौनपुर पुलिस से सहयोग ली जा रही है। दूसरी तरफ, अतुल की पत्नी, सास, साले और रिश्ते के ससुर ने अधिवक्ता अजय सिंह के जरिये गत बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की है।
कर्नाटक पुलिस ने मुकदमों की पूरी नकल ली
जौनपुर। अतुल सुभाष की आत्महत्या मामले की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस की टीम शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंची। अतुल के खिलाफ दर्ज मामलों की पूरी नकल प्राप्त की है। सब इंस्पेक्टर रंजीत एस ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जो टीम आई है, वह जल्द ही लौट जाएगी। इसके बाद विवेचनाधिकारी की अगुवाई में दूसरी टीम आएगी। दूसरी टीम का काम सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना होगा।
निकिता के खिलाफ दर्ज कराई थी एनसीआर
निकिता ने अदालत में दर्ज बयान में कहा था कि अतुल ने मेरे ऊपर गलत आरोप लगाए। मैं अपने पिता के दोस्त के बेटे से बाहर से नॉनवेज मंगवा के खाती हूं। यही अतुल को नागवार गुजरा। वह गलत संबंध होने का आरोप लगाने लगा। यही विवाद का असली जड़ बना। अतुल ने मेरे खिलाफ 25 सितंबर 2021 को एनसीआर दर्ज कराई थी।
मां और वकील के कहने पर डाली थी तलाक की अर्जी
अदालत में दर्ज बयान से यह बात सामने आई कि अतुल और उसकी पत्नी के बीच विवाद को बड़ा रूप देने में निकिता की मां निशा की बड़ी भूमिका रही। निकिता ने परिवार न्यायालय में बयान दिया था कि उसने अपनी मां और अपने वकील के कहने पर तलाक की अर्जी डाली थी। निकिता ने अतुल पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा सीजेएम कोर्ट में दर्ज कराया था।
अतुल हर महीने बच्चे के खाते में भेजता था 5 हजार रुपये
जौनपुर। परिवार न्यायालय में दर्ज बयान में अतुल सुभाष ने बताया था कि निकिता के जौनपुर जाने के बाद वह अपने बच्चे के नाम हर महीने पांच हजार रुपये का मनी ऑर्डर जौनपुर भेजता था, लेकिन निकिता और उसके परिजन मनी ऑर्डर लौटा देते थे। इसके बाद अतुल ने बेटे के बैंक खाते में पैसे भेजे। इसके प्रमाण अदालत में जमा कराए गए हैं।
अतुल ने कहा था कि उसका हर महीने भेजा जाने वाला मनी ऑर्डर यह लिख कर वापस कर दिया जाता था कि प्राप्तकर्ता कहीं चली गई है। इसके बाद अतुल पंजाब नेशनल बैंक खाते में हर महीने 5000 रुपये भेजने लगा। बेटे का खाता 27 जनवरी 2022 को बंगलूरू में खोला गया था। इसके विपरीत निकिता ने बयान दर्ज कराया था कि 19 जून 2022 के बाद से बेटे के बैंक खाते में कोई पैसा नहीं भेजा गया है। अतुल ने कुछ गिफ्ट और सामान भेजा था, जो घर पर रखे हैं।
अतुल के खिलाफ निकिता ने हाईकोर्ट में भी दाखिल किया था भरण पोषण का मुकदमा
प्रयागराज। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद भी उनके खिलाफ चल रहे मामलों में सुनवाई रुकने का नाम नहीं ले रही है। अतुल पर जौनपुर जिला सत्र न्यायालय में तीन केस लंबित हैं। वहीं, पत्नी निकिता सिंहानिया ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी भरण पोषण का मुकदमा दाखिल किया था। पुनरीक्षण याचिका सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
पारिवारिक न्यायालय के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में निकिता ने पांच सितंबर को याचिका दाखिल की थी। अब तक 11 तारीखों पर मामला सूचीबद्ध हुआ, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसी दौरान अतुल ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद से फरार पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा, साले अनुराग और सुशील ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इनकी ओर से शुक्रवार को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है। अतुल की आत्महत्या के बाद इन सभी के खिलाफ बंगलूरू में एफआईआर दर्ज हुई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल अग्रिम जमानत अर्जी पर अगले हफ्ते सुनवाई होने की संभावना है।