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फर्जी शिक्षिका के मामले में पूर्व बीएसए से भी होगी पूछताछ

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जौनपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज से बर्खास्त शिक्षिका प्रीति के मामले में क्राइम ब्रांच पूर्व बीएसए डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह से भी पूछताछ करेगी। वह फिलहाल आगरा में जिला विद्यालय निरीक्षक हैं। जांच अधिकारी क्राइम बांच के इंस्पेक्टर का मानना है कि प्रीति की नियुक्ति के समय में उसके अभिलेखों की जांच ठीक से की गई होती तो फर्जीवाड़े को पकड़ा जा सकता था। काउंसिलिंग के वक्त प्रीति की ओर से दाखिल किए गए दस्तावेजों में तमाम खामियां थीं पर काउंसिलिंग कमेटी ने उनकी अनदेखी की। नियुक्ति अधिकारी होने के तत्कालीन बीएसए से पूछताछ की जाएगी।
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27 सितंबर 2019 को तत्कालीन बीएसए डॉ राजेंद्र सिंह के हस्ताक्षर से प्रीति यादव को नियुक्ति पत्र जारी किया गया है। नियुुक्ति से पहले 16 अगस्त 2019 को प्रीति ने काउंसिलिंग कराई थी। डायट के प्राचार्य की अध्यक्षता वाली काउंसिलिंग कमेटी में प्रवक्ता ब्रह्मप्रकाश सिंह, प्रवक्ता नीतू सिंह, सहायक अध्यापक महेंद्र यादव और सहायक अध्यापक संतोष कुमार तिवारी को शामिल किया गया था। जांच अधिकारी की माने तो आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र और पैन क़ार्ड पर अलग अलग महिलाओं की फोटो है बावजूद इसके काउंसिलिंग कमेटी में शामिल किसी की भी नजर इन दस्तावेजों पर नहीं प़ड़ी। विवेचनाधिकारी क्राइम ब्रांच के इंस्पेकक्टर वीरेंद्र बरवार का कहना है कि काउंसिलिंग और नियुक्ति के समय बरती गई इन लापवाहियों के बाबत तत्कालीन बीएसए से भी पूछताछ की जाएगी। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली गई है। बहुत जल्द उनसे इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
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