चंदवक गांव की निषाद बस्ती में घुसा गोमती नदी का पानी।
गंगा में बाढ़ के दबाव के चलते गोमती नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। चंदवक इलाके के जिन दर्जनभर गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है वहां 24 घंटे में आठ सेंटीमीटर की रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ पीड़ित लोगों के समक्ष सबसे अधिक संकट मवेशियों के लिए चारा जुटाना है। सोमवार को एसडीएम केराकत ने भी मातहतों के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण किया।
एसडीएम ने बताया कि गांव के बाहर उंचाई पर स्थित विद्यालय में बाढ़ पीड़ितों के लिए चौकी की स्थापना कर दी गई है। वहां लोगों के मवेशियों के लिए भी इंतजाम है। हालांकि शाम पांच बजे तक कोई बाढ़ पीड़ित चौकी में शरण लेने नहीं पहुंचा। प्रभावित लोग घर की छत पर या फिर गांव में किसी दूसरे के घर में शरण लिए हुए हैं। गोमती नदी के किनारे के गॉव वरमलपुर, चंदवक, सेमरी, वलुई, चवरवर, चांदेपुर, वरहपुर सहित दर्जन भर गॉवो में बाढ़ का पनी पहुंच गया है।
चंदवक घाट पर राम अवध, हीरालाल, सुनील गोंड, राम अधार का मकान पानी में डूब गया है। इसी तरह बलुआ गॉव मे मिठाई निषाद, नन्हकू निषाद, सोमारू निषाद, मिश्री गोड़, गिरजा निषाद, बालकिशुन निषाद, छांगुर निषाद के घर में चार से पांच फीट तक पानी लग गया है। ऊंचाई फर बगीचे के पास ऊंचाई वाले घरों में शरण लिए हुए हैं। चवरवर मे बाढ़ से लोग घिरे हुए हैं। बाजार जाने के लिए लोग नाव से गांव के बाहर जाते हैं और वहां से बाजार पहुंचते हैं। बरहपुर में भी बाढ़ के पानी मे डूबे लोग नाव के सहारे घर से बाहर निकल रहे हैं।