जिला जेल में शनिवार की शाम बंदियों और बंदी रक्षकों के बीच मारपीट छेड़खानी नहीं बल्कि पीने के पानी को लेकर हुई थी। छेड़खानी को बेवजह तूल दिया जा रहा है। यह कहना है बंदियों का। उन्होंने शनिवार की रात पत्रकारों और प्रशासन के सामने जेल प्रशासन पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए।
बकौल बंदी, जेल प्रशासन उन्हें घटिया खाना परोसता है। जेल के अंदर खुलेआम 30 रुपये में सब्जी, छोला और दाल बेची जाती है। जिस बंदी के पास पैसा नहीं होता, वह दाल और सूखी रोटी खाने को विवश होता है। बंदियों ने बताया कि जेल का पानी पीने लायक नहीं है। ,ऐसे में भला इन व्यवस्थाओं से कैसे उनकी जिंदगी गुजर सकती है।
कहने को तो बंदियों के लिए आरओ लगाया गया है, लेकिन इसके लिए आठ रुपये लीटर की दर से वसूली की जाती है। शनिवार की दोपहर बंदी श्याम कुमार यादव भी आरओ से पीने का पानी ही लेने गया था, लेकिन महिला बंदी रक्षक ने उसे बिना पैसा दिए पानी लेने से रोक दिया। इसी को लेकर वह नाराज हो गया। उसने पानी के लिए बंदीरक्षक को धक्का दे दिया जिसपर बेरहमी से इतनी पिटाई कर दी गई कि उसकी मौत हो गई।