सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 के पास उम्मीदवारों की चौथी काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों की भारी भीड उमड़ी। तीन दिन तक चली पुरुष अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग में कुल पांच हजार लोगों ने काउंसिलिंग कराई। 12 जनवरी से महिला अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है। 814 अभ्यर्थियों ने अपना मूल प्रमाण पत्र वापस लिया।
आरक्षित श्रेणी के 97 तक अंक पाने वाले और सामान्य श्रेणी के 105 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में शामिल किया गया। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक के 72825 पदों पर नियुक्ति के लिए सभी पद तीसरी काउंसिलिंग में ही भरे जा चुके हैं। बावजूद इसके सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू की गई चौथी काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
भीड़ को देखते हुए डायट परिसर में आखिरी दिन कुल 10 टेबल लगाए गए थे। डायट प्राचार्य सच्चिदानंद यादव की देखरेख में देर शाम तक काउंसिलिंग चली। वरिष्ठ प्रवक्ता डा. आरएन यादव ने बताया कि डा. रेखा जायसवाल, डा. कल्पना मलहोत्रा, डा. ब्रह्मप्रकाश सिंह, डा. ब्रह्मजीत, पटल सहायक दुर्गाशंकर राय को अलग अलग टेबल की जिम्मेदारी दी गई थी।
इस बार की काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र जमा नहीं कराए जा रहे हैं। उनके मूल प्रमाण पत्र को देख कर वापस कर दिया जा रहा है। मूल प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ किसी भी जिले में जाकर अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग कराने की छूट दी गई है। पहले किसी एक स्थान पर ही काउंसिलिंग कराने की सुविधा दी गई थी। उनके मूल प्रमाण पत्र वहीं जमा करा लिए गए थे।