नौकशाहों और जनप्रतिनिधियों के भी बच्चों को सरकारी विद्यालयों में दाखिला अनिवार्य किए जाने की मांग को लेकर सामाजिक संगठन की पहल पर पांच सौ लोगों ने रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पोस्टकार्ड लिखकर भेजा है।
सीएम को लिखे गए पोस्टकार्ड में कहा गया है कि गरीब, मजदूर, किसान, दोना पत्तल व बीड़ी बनाने वालों के बच्चे जहां फटे टाट पट्टी और जमीन पर बैठकर शिक्षा ले रहे हैं वहीं नौकरशाहों और जनप्रतिनिधियों के बच्चे कान्वेंट स्कूलों में आधुनिक और तकनीकी शिक्षा ले रहे हैं।
नौकरशाहों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए हाईकोर्ट ने 18 अगस्त 2015 को आदेश दिया है। लेकिन राज्य सरकार की शिथिलता के कारण आजतक आदेश का पालन नहीं हो रहा है।
सामाजिक कार्यकर्त्ता एवं अधिवक्ता रमेश चंद्र यादव की अगुवाई में रविवार को डीडीएस सेंटर, मां मूर्ति ग्रुप आफ प्लांटेशन समेत अन्य कोचिंग सेंटर के करीब पांच सौ छात्र छात्राओं ने मुख्यमंत्री को पोस्ट कार्ड लिखकर भेजा है। छात्रों ने अपने संदेश में कहा है कि मुख्यमंत्री जी हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराएं जिससे समान शिक्षा व्यवस्था लागू हो सके। नौकरशाहों के बच्चे प्राइमरी स्कूलों में पढ़ेंगे तो शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा और स्वत: समाजवाद दिखने लगेगा।