जौनपुर। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दुर्घटना बीमा में मछुआरों का रुझान बढ़ा है। यही कारण है कि लक्ष्य से अधिक मछुआरों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। इसे लेकर विभाग की ओर से जागरूक किया जा रहा है। योजना के तहत मछुआरा की मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी अपंगता की स्थिति में उनके आश्रित को पांच लाख का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाएगा।
शासन की ओर से मछुआरा समाज को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। दुर्घटना बीमा का भी उन्हें लाभ दिलाया जाना है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में जनपद में 1338 लाभार्थियों का दुर्घटना बीमा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष विभाग की ओर से 1348 लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। यानी लक्ष्य से 10 अधिक मछुआरों का बीमा किया गया। अभी भी विभाग की ओर से मछुआरों प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग की मानें तो योजना के तहत मछुआरा की मृत्यु अथवा पूर्ण स्थाई अपंगता की स्थिति में उनके आश्रित को पांच लाख का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाएगा। वहीं आंशिक स्थाई अपंगता की स्थिति में 250000 दिया जाएगा। इस योजना के लिए प्रति मछुआरा प्रतिवर्ष प्रीमियम की दर पैसे निर्धारित है। इस राशि में केंद्र का अंशदान 50 प्रतिशत एवं राज्य सरकार का अंशदान 50 प्रतिशत है। इस बीमा योजना के लिए लाभार्थी से कोई भी अंशदान नहीं लिया जाना है। केवल आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना है।