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यहां पेट्रोल भराइए, हवा और पानी न मांगिए

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जौनपुर। जिले में इंडियन आयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम के 140 पंप हैं। जबकि 150 नए पंप खुलने की प्रक्रिया में हैं। सेवा शर्तों को पूरा किए बिना ही ये पंप धड़ल्ले से चल रहे हैं। यहां न तो पीने के लिए पानी का इंतजाम है और न ही वाहनों में हवा भरने की व्यवस्था। गिने चुने पंपों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर पंपों पर शौचालयों में में या तो ताला बंद रहता है या तो इस्तेमाल के काबिल नहीं हैं।
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नियम है कि पंपो पर सीसीटीवी कैमरा, तेल देने की इलेक्ट्रानिक मशीन, शौचालय, मुफ्त हवा, पीने योग्य पानी, अच्छी लाइटिंग और फस्र्ट एड बाक्स होना चाहिए। उपभोक्ताओं के लिए यह सब सेवाएं पंप संचालकों की सेवा शर्तों में शामिल होती हैं। इन सेवाओं को पूरा करने की शर्त पर ही उन्हें लाइसेंस दिया जाता है। लेकिन लाइसेंस मिलने के बाद पेट्रोल और डीजल की बिक्री से मोटी कमाई के आगे अधिकतर पंप संचालक सेवा शर्तों को नजर अंदाज कर दिया है। अधिकतर पंपो पर न तो स्वच्छ पीने का पानी का इंतजाम है और न ही हवा का इंतजाम रहता है। शौचालय है जरूर लेकिन उसमें या तो ताला बंद रहता है या गंदगी के चलते इस्तेमाल लायक नहीं हैं। नेटवर्क का बहाना बनाकर आटोमेशन से तेल नहीं दिया जाता। डीजल में 2.20 रुपये ओर पेट्रोल में 3.18 रुपया प्रति लीटर पंप संचालकों को कमीशन मिलता है। लेकिन कमीशन की शर्तों को पूरा नहीं करते। अमर उजाला ने शनिवार को शहर से लेकर गांव तक 50 पेट्रोल पंपों पर सुविधाओं की पड़ताल की। पड़ताल में कई खामियां उजागर हुई। 50 में 46 पेट्रोल पंपों पर वाहनों में भरने के लिए हवा की सुविधा नहीं है। सीसीटीवी तो सभी पंपों पर लगे हैं। पंप संचालकों ने उसे खिाने से इनकार किया लेकिन दावा किया कि सभी सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में हैं। 32 पंपों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। जहां वाटर कूलर लगे भी हैं केविन के पीछे ऐसे स्थान पर लगे हैं कि यात्रियों की वहां नजर ही नहीं पहुंचती। वह वाटर कूलर सिर्फ पंप कर्मचारियों के काम आता है। 27 पंपो पर शौंचालय में ताला बद मिला। जबकि 8 पंपों पर शौंचालय गंदगी से पटे मिले। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता निलेश कुमार कहते हैं कि अधिकतर पंपों पर जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। बदलापुर निवासी सर्वेश पांडेय का कहना है कि पेट्रोलियम कंपनियों का पंप संचालकों पर कोई अंकुश नहीं है। मुफ्त हवा की व्यवस्था के लिए जहां तहीं मशीने रखी गई हैं लेकिन वह काम नहीं करती। खेतासराय के अच्छेलाल का कहना है कि पंपों पर इतनी सुविधाएं उपभोक्ताओं को मुफ्त में मिलती हैं इसकी अधिकतर लोगों को जानकारी भी नहीं है।
पेट्रोल पंपों की हर तीसरे महीने आडिट की जाती है। आडिट में हर सुविधाओं की उपलब्धता पर नंबर दिए जाते हैं। जहां कमियां पाई जाती है उन्हें चेतावनी लेटर जारी किया जाता है। पेट्रोल पंपों पर निरंतर सुधार देखा जा रहा है। आने वाले समय में और भी सुधार होगा।
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सौरभ कुमार
विक्रय अधिकारी इंडियन आयल
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