जौनपुर। मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट शिल्पी चतुर्वेदी ने लाइन बाजार थाना क्षेत्र के राज कॉलोनी निवासी अधिवक्ता शैलेश मिश्र के प्रार्थना पत्र पर बिजली निगम के अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश थानाध्यक्ष लाइनबाजार को दिया है।
दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता शैलेश मिश्र निवासी राज कॉलोनी ने कोर्ट में अपने प्रार्थना पत्र दिया कि उनके घर का विद्युत कनेक्शन पिता शालिग्राम मिश्र के नाम है। 22 जून 2024 को 1 बजे दिन में वादी के घर 5 अज्ञात लोग आए। गाड़ी के बारे में पता किया तो वह गाड़ी विमल कुमार के नाम से रजिस्टर्ड है। बीमा 2019 में समाप्त हो चुका है। बिना वर्दी, बिना ड्रेस, बिना पहचान पत्र के पांचों लोग 42,000 रुपये की वादी से मांग करने लगे। पहचान पत्र मांगने पर वह लोग फोन लगाकर कहे कि हमारे अधिकारी जेई आनंद यादव से बात कर लीजिए। अधिकारी ने कहा कि 42,000 रुपये दे दीजिए। रसीद एक-दो दिन में मिल जाएगी। परिचय पूछा तो आनाकानी करने लगे। आरोपियों से वादी ने विद्युत बिल व नोटिस अथवा विभागीय अधिकारी का विच्छेदन आदेश मांगा तो गालियां व धमकी दी। जबरन वादी के घर में घुसकर मीटर का तार खींचने लगे।
कहा कि 5,000 रुपये देकर मामला निबटा लो। रुपये न देने पर वादी का कनेक्शन काट दिया गया जबकि विद्युत कनेक्शन काटने के पहले नोटिस देने का प्रावधान है। आरोपियों द्वारा किए गए कृत्य की पूरी रिकॉर्डिंग वादी के पास है। थाना व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो वादी ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई।