जिले में भदोही सीमा से पाॅलिटेक्निक चौराहे तक फोरलेन का काम कराया जा रहा है। इस मार्ग पर वन निगम वाराणसी को पांच हजार पेड़ काटने हैं। अभी तक महज ढाई हजार पेड़ ही काटे गए हैं। वहीं जंघई-मछलीशहर मार्ग चौड़ीकरण के लिए भी दो हजार पेड़ों की कटाई नहीं हो सकी है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोक निर्माण विभाग की तरफ से काम में तेजी नहीं आ पा रही है।
जिले में एनएच 135-ए के तहत रामपुर पचवल से पाॅलिटेक्निक तक 38 किमी फोरलेन का कार्य चल रहा है। अभी तक महज गंधौना प्लांट से रामपुर तक पांच से छह किमी तक सड़क चौड़ीकरण का काम हो सका है। पेड़ कटाई की बात की जाए तो रामपुर से मड़ियाहूं की तरफ व जिला मुख्यालय से मड़ियाहूं की तरफ के पेड़ों की कटाई की गई थी। इसमें बीच के हिस्से में पेड़ों की कटाई नहीं हो सकी। कुल पांच हजार पेड़ों की कटाई करनी है। इसमें से ढाई हजार पेड़ों को काटना शेष रह गया है। वन विभाग की तरफ से पेड़ों का चिह्नीकरण किया गया है। वन निगम वाराणसी की तरफ से इसकी कटाई कराई जा रही है। इसके बदले वन निगम की तरफ से वन विभाग के खाते में एक करोड़ की धनराशि देनी है। इसके सापेक्ष करीब 50 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। साथ ही कार्यदायी संस्था एनएचएआई की तरफ से वन विभाग के खाते में पौधारोपण करने का खर्च भी दिया जाएगा। वहीं अभी जंघई-मछलीशहर मार्ग पर चौड़ीकरण में दो हजार पेड़ों को काटा जाना है। इसका 20 किमी कार्य भी अभी बाकी है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता मृत्युंजय यादव ने बताया कि वन निगम को पांच हजार पेड़ों को काटने का लक्ष्य दिया गया था। अभी तक महज ढाई हजार ही काटा गया है। इससे काम प्रभावित हो रहा है।
वन विभाग की तरफ से केवल पेड़ों को चिह्नित किया जाता है। पेड़ों की कटाई की जिम्मेदारी वन निगम वाराणसी की है। रामपुर से पाॅलिटेक्निक तक पांच हजार पेड़ों की कटाई की जानी है। इसमें ढाई हजार पेड़ों को ही काटा गया है। जंघई-मछलीशहर मार्ग पर भी दो हजार पेड़ों की कटाई बाकी है। - प्रवीण खरे, डीएफओ।