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जौनपुर : ऑक्सीजन के अभाव में पिता की मौत, सदमे में इंजीनियर ने दी जान, दिल्ली से घर लौटते समय गांव से एक किमी पहले ट्रेन के आगे कूदे

Tue, 27 Apr 2021 06:53 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर

सार

  • जेब से मिला सुसाइड नोट, खुद भी थे कोरोना से संक्र मित
  • जौनपुर के बक्शा थाना क्षेत्र के लखनीपुर गांव का मामला
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मृतक, फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बक्शा थाना क्षेत्र के लखनीपुर गांव के पास मंगलवार की दोपहर युवा इंजीनियर ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। एक दिन पहले ही उनके पिता की ऑक्सीजन के अभाव में मौत हो गई थी। इससे वह सदमे में थे। पर्स से मिले सुसाइड नोट में इंजीनियर ने खुद को कोरोना संक्रमित बताया है। घटना के बाद इंजीनियर की मां की तबीयत भी बिगड़ गई है।

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बक्शा थाना क्षेत्र के बेलापार गांव निवासी सेवानिवृत्त बीडीओ और सपा के ब्लाक अध्यक्ष धर्मराज यादव की तबीयत कुछ दिनों से खराब थी। सर्दी-खांसी, बुखार के बाद परिजनों ने एंटीजन किट से जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इस बीच उन्हें सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई थी। परिजन ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए परेशान थे। कोई सहायता मिलती, इससे पहले ही सोमवार को उनकी मौत हो गई। धर्मराज के दो पुत्रों में छोटा अमित यादव (35) दिल्ली में निजी कंपनी में इंजीनियर थे।

पिता की मौत की खबर मिलते ही वह घर रवाना हो गया। इस दौरान बड़े भाई ललित से एक बार मोबाइल पर बात हुई। फिर फोन बंद हो गया था। मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे बक्शा स्टेशन पहुंचने के बाद अमित स्टेशन मास्टर से किसी ट्रेन के आने के बारे में जानकारी लेते हुए रेलवे लाइन पकड़ते हुए बेलापार की ओर रवाना हो गए। लखनीपुर गांव के पास पहुंचने पर जौनपुर की तरफ से आ रही बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन के सामने वह कूद गए और उनकी मौत हो गई। 
 पुलिस ने जेब से मिले कागजात के आधार पर शिनाख्त कर सूचना परिजनों को दी। बक्शा इंस्पेक्टर वशिष्ठ यादव के मुताबिक पर्स से सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें अमित ने खुद को कोरोना पॉजिटिव बताते हुए पत्नी से संपर्क करने की बात लिखी है। उधर, पति के बाद बेटे के मौत की खबर सुनकर मां शारदा देवी की तबीयत भी खराब हो गई। वह सर्दी-खांसी से पहले ही पीड़ित हैं।
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मेरा मन जीवन से भर गया है
पुलिस को अमित की पर्स से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने तीन पंक्तियों में अपनी बात लिखी है। अमित ने लिखा है कि मेरी आत्महत्या के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मेरा मन जीवन से भर गया है। कॉल माई वाइफ माधुरी। इसके बाद अपना नाम लिखते हुए उसने कोरोना पॉजिटिव भी अंकित किया है।
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