एनएच 56 से निकल रहे बाईपास के लिए जमीन अधिगृहीत करने और अधिग्रहण के बाद उचित मुआवजा न देने के विरोध में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनिटी (यूनियन) ने डीएम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों ने कहा कि उन्हें सुल्तानपुर के मानक के अनुरूप मुआवजा दिया जाए। शिव प्रताप सिंह के नेतृत्व में किसानों कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि एनएच 56 से निकल रहे बाईपास के लिए अधिग्रहित
की जा रही जमीन सरकार की मंशा के अनुसार न देकर जिला प्रशासन द्वारा कृषि दर का न्यूनतम सर्किल रेट के तहत मुआवजा तय किया गया है। इसे अविलंब रोकवा दिया जाए। चेतावनी दी कि भूमि अधिग्रहण कानून के
सेक्शन 26 (ए) के तहत किसानों को एक सप्ताह के अंदर भुगतान कराया जाए। यदि भुगतान नही हुआ तो किसान संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा। इसके अलावा किसानों ने मांग किया कि बोरिंग सर्टिफिकेट पर रोक लगाने की
वजह से सिंचाई के लिए किसानों ने कनेक्शन लिया है और जिससे वह कृषि कार्य करते हैं लेकिन उसका बिल चौगुना आता है। मांग किया उनके कनेक्शन को कृषि में परिवर्तित किया जाए। जल स्तर मेंटेन करने के लिए नहरों में पानी
आना जरूरी है। लेकिन नहरें सूखी रहती हैं। किसानों की फसलों को नीलगाय और सूअर समाप्त कर दे रहे हैं। जिन्हें वन विभाग द्वारा देखरेख की व्यवस्था की जाए। जिससे किसानों की फसल का नुकसान न हो। इस मौके पर
जिलाध्यक्ष झिनकू सिंह, सुल्तानपुर के जिलाध्यक्ष रमाशंकर चौधरी, विजय बहादुर यादव, राजेश यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, सुनील सिंह, राहुल सिंह, राज बहादुर यादव, बसंत कुमार, राजेंद्र यादव, बृजेश कुमार यादव, अरविंद सिंह, रविशंकर, धर्मराज, संतोष, विकेश यादव, गिरजा शंकर यादव, नंदलाल, नागेंद्र समर बहादुर, बृजलाल सिंह, रामेश्वर सिंह आदि मौजूद थे।